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*बालोद जिले में निजी स्कूलों की मनमानी, शासन के आरटीई गाइडलाइन की खुलेआम उड़ रही धज्जियां…जिला मुख्यालय के इस स्कूल के खिलाफ डीईओ कार्यालय में हुई शिकायत*

 

बालोद-जिला मुख्यालय के महावीर इग्लिस मीडियम स्कूल में पिछले सत्र व नए शिक्षण सत्र के लिए मनमानी फीस और बुक के दामों में बढ़ोतरी करने मामले सामने आया हैं। महावीर इग्लिश मीडियम स्कूल के खिलाफ पालकों ने मोर्चा खोल दिया हैं।स्कूल प्रबंधन द्वारा अधिक फीस और बुक के दाम ज्यादा लेने की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से किया हैं। बता दे बालोद जिले में निजी स्कूलों के प्रबंधन द्वारा बच्चो के पालकों से अधिक फीस लेने की शिकायत लगातार मिल रही हैं लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही निजी स्कूल पर नही किया गया हैं।जिसको लेकर पालकों ने शिक्षा विभाग और निजी स्कूल प्रबंधन के साथ साठगांठ होने का आरोप भी लगाया हैं।

पालकों ने महावीर इग्लिस स्कूल के प्रबंधन के खिलाफ डीईओ को सौपा ज्ञापन

जिला शिक्षा अधिकारी को सौपे गए ज्ञापन में बताया गया कि जिला मुख्यालय में स्थित महावीर इग्लिश मीडियम स्कूल में हमारे बच्चे पढते हैं।स्कूल प्रबंधन द्वारा बुक बेची जा रही हैं।जिसका मूल्य भी बहुत ज्यादा है।स्कूल फीस में लगातार बढ़ोतरी की जा रही हैं।पिछले वर्ष 2021-22 में स्कूल का फीस बढ़ाया गया था। और 2022-23 में फीस और बढ़ाया गया हैं।स्कूल प्रबंधन द्वारा लगातार फीस में वृध्दि करने से आर्थिक व मानसिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।पालकों ने जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग किया हैं।

स्कूलों में शिक्षा विभाग का नियंत्रण नहीं

अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों की मनमानी से पालक त्रस्त हैं। एक ओर प्रतिवर्ष स्कूल प्रबंधन फीस में वृद्घि कर रहा है वहीं निजी प्रकाशनों की महंगी पुस्तकें अनिवार्यतः लागू कर देता है। इस पर शिक्षा विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है। पालकों पर एक ओर फीस की मार वहीं दूसरी ओर निर्धारित पुस्तकों की दुकानों से निर्धारित एवं आवश्यकता से अधिक पुस्तकों के क्रय की अनिवार्यता उनका बजट बिगाड़ रही है। शिक्षा विभाग के पास न तो इन समस्याओं का हल है और ना ही पालकों के प्रश्नों का कोई उत्तर। यह कहकर शिक्षा अधिकारी अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि फीस निर्धारण के लिए शाला में गठित पालक समिति का निर्णय उत्तरदायी है, किन्तु पाठ्यपुस्तकों को लागू करने के लिए पालक समिति में कोई निर्णय नहीं लिया जाता है। ज्ञापन सौपने के दौरान सतीश जैन,बंटी देवांगन, मेधा जैन सहित अन्य पालक शामिल रहे।

 

 

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