बड़े रोजेदारों के साथ छोटे बच्चों में भी उत्साह
रमजान के इस पवित्र महीने में बड़े रोजेदारों के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चों में भी रोजा रखने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को रमजान का 16वां रोजा रखा गया, जबकि रमजान की शुरुआत से अब तक तीन जुमे (शुक्रवार) गुजर चुके हैं। रमजान में जुमे की नमाज मुस्लिम समाज के लिए विशेष महत्व रखती है और इस दिन बड़ी संख्या में नमाजी मस्जिद पहुंचकर इबादत करते हैं।

जामा मस्जिद परिसर में रोज शाम को होने वाले इफ्तार में रोजेदार बड़ी संख्या में शरीक होकर विभिन्न व्यंजनों के साथ रोजा खोलते हैं। रमजान के पहले रोजे से ही मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के मुतवल्ली शाहिद खान और नायब सदर हुसैन बाबा भाई के मार्गदर्शन में सईद तिगाला, हाजी अफजल रिजवी, इस्माईल खान, मजीद खान, अतहर बक्श, समीर खान, आदिल अमान, शेख गुलाम (भैय्यू), गुलाम मोहियुद्दीन (बबलू), आदिल गोरी, अल्ताफ तिगाला, जाबिर खान, इम्तियाज निर्बान, जाहिर कुरैशी, जमीर खान, शाहनवाज उर्फ दादू, गोलू चौहान, याकूब खान सहित कमेटी के पदाधिकारी और नौजवान मिलकर इफ्तार कार्यक्रम की व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं।
असर की नमाज के बाद शुरू हो जाती है इफ्तार की तैयारी
असर की नमाज समाप्त होते ही इफ्तार की तैयारियां शुरू हो जाती हैं और रोजेदारों तक इफ्तार की प्लेटें पहुंचाई जाती हैं। सभी रोजेदार समूह में बैठकर इफ्तार करते हैं और यह दृश्य भाईचारे और एकता का संदेश देता है। मग़रिब की नमाज अदा करने के बाद लोग अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो जाते हैं।

बच्चों की मौजूदगी से बढ़ी मस्जिदों की रौनक
इस बार जामा मस्जिद में छोटे बच्चों द्वारा रोजा रखने से मस्जिद की रौनक और बढ़ गई है। बच्चों में इबादत के प्रति उत्साह और लगाव साफ दिखाई दे रहा है। इनमें मो. अनस, मो. हसनैन (वल्द सरफराज निर्बान), मो. दानिश (वल्द वसीम तिगाला), मोहम्मद आकीफ सिद्दीकी (वल्द मो. अबरार सिद्दीकी), आहिल रजा और राहिल रजा (वल्द सद्दाम रजा) सहित कई बच्चों ने पूरे जोश और अकीदत के साथ रोजा रखा है।
रात्रि में ईशा की नमाज के बाद जामा मस्जिद के इमाम मौलाना शकील चिश्ती की अगुवाई में तरावीह की नमाज अदा की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में नमाजी शामिल होकर इबादत कर रहे हैं।
रमजान के इस पवित्र माह में जामा मस्जिद बालोद में इबादत, अनुशासन और भाईचारे का जो माहौल दिखाई दे रहा है, वह पूरे शहर के लिए सौहार्द और एकता का संदेश दे रहा है।




















