नवरात्रि के दौरान साहू समाज के इस पहल से महिलाओं को इन पुराने नियमो से मिलेगी आजादी ..साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष का यह निर्णय अन्य समाजों के लिए भी बन सकता है मिसाल…क्या है यह पहल..पढ़े सबसे पहले प्रदेशरूची पर
बालोद- आज देश अलग अलग हिस्सों में रूढ़िवादी मानसिकता के कारण स्त्री चाहे जिस भी वर्ग जाति समूह की रही हो वह जन्म से ही अपने आपको असहाय और अबला समझकर सदैव पुरुषवादी मानसिकता का शिकार होती रही है। आज समाज में तमाम तरह के बंधनों से जकड़ी महिलाएं स्वयं की मुक्ति और अपनी अस्मिता …













