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पीवी ऐप के विरोध में पटवारियों की आर-पार की लड़ाई, अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

तकनीकी खामियों और लंबित मांगों को लेकर लामबंद हुए पटवारी, कार्रवाई निरस्त करने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग

बालोद। पीवी ऐप के माध्यम से फसलों के भौतिक सत्यापन में आ रही व्यवहारिक एवं तकनीकी समस्याओं, पटवारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई और वर्षों से लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को बालोद के नया बस स्टैंड स्थित टैक्सी स्टैंड में पटवारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। संघ ने शासन और राजस्व विभाग से तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने, विभिन्न जिलों में पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई निरस्त करने तथा वेतन विसंगति एवं पदोन्नति से संबंधित लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। मांगों का समाधान नहीं होने से नाराज पटवारियों ने आंदोलन के जरिए अपनी आवाज बुलंद की है।

तकनीकी खामियों के बीच सत्यापन का दबाव

पटवारी संघ के अनुसार, पीवी ऐप के माध्यम से फसलों का भौतिक सत्यापन करने के दौरान कई व्यवहारिक और तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। इन समस्याओं से शासन और विभाग को पहले भी ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस और व्यावहारिक समाधान नहीं निकल पाया है। संघ का कहना है कि तकनीकी खामियों को दूर किए बिना पटवारियों पर इस कार्य को पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की है कि पहले ऐप की समस्याओं का निराकरण किया जाए, ताकि फसलों के सत्यापन का कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

दूसरे जिलों में कार्रवाई से बढ़ा आक्रोश

पीवी ऐप के बहिष्कार के मुद्दे पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर भी संघ ने कड़ा विरोध जताया है। संघ के मुताबिक, बलौदाबाजार और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में संघ पदाधिकारियों सहित अन्य पटवारियों के स्थानांतरण किए गए हैं तथा कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, महासमुंद जिले में पटवारियों को निलंबित किए जाने की बात भी संघ ने कही है।

संघ ने इन कार्रवाइयों को अनुचित बताते हुए संबंधित आदेशों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। पटवारी संघ का कहना है कि राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों का लगातार निर्वहन करने के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है। संघ ने स्पष्ट किया कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय कार्रवाई किए जाने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

वेतन विसंगति और पदोन्नति पर भी आर-पार की लड़ाई

पटवारियों का आंदोलन केवल पीवी ऐप की तकनीकी समस्याओं तक सीमित नहीं है। संघ ने वर्षों से लंबित वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति से संबंधित मांगों पर भी शासन का ध्यान आकर्षित किया है। संघ ने इन मामलों का शीघ्र निराकरण करने के साथ ही मांगों को लंबित रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

समाधान तक आंदोलन जारी रखने के संकेत

पटवारी संघ ने साफ किया है कि पीवी ऐप की तकनीकी एवं व्यवहारिक समस्याओं का समाधान, पटवारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई को निरस्त करने और लंबित सेवा संबंधी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की दिशा में ठोस पहल जरूरी है। मंगलवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल में बड़ी संख्या में पटवारी शामिल हुए। अब शासन और राजस्व विभाग की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर आंदोलन की आगे की दिशा निर्भर करेगी।

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