बालोद। जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। बुधवार को पुलिस कार्यालय बालोद में आयोजित क्राइम मीटिंग में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ विभिन्न थानों और शाखाओं में लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अपराधों की प्रभावी विवेचना, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, न्यायालय में समय पर चालान पेश करने तथा पीड़ितों को नियमानुसार राहत दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।

साइबर फ्रॉड और चोरी के मामलों में तेज होगी कार्रवाई
क्राइम मीटिंग में साइबर ठगी के मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की शीघ्र पतासाजी और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। साइबर अपराधों में त्वरित वैधानिक कार्रवाई कर पीड़ितों को नियमानुसार राहत दिलाने पर भी जोर दिया गया।
वहीं, चोरी के प्रकरणों में वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करने, सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण करने और संदिग्धों की पहचान कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने लंबित अपराधों की विवेचना में अनावश्यक देरी से बचते हुए मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने पर जोर दिया।
महिला संबंधी अपराधों को प्राथमिकता देने के निर्देश
महिला संबंधी अपराधों की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने और पीड़िताओं की शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे मामलों में विवेचना समय पर पूरी करने तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में लंबित अपराधों के साथ न्यायालय में पेश किए जाने वाले चालान, मर्ग प्रकरणों, पुलिस शिकायतों, गुम इंसान मामलों तथा गिरफ्तारी एवं स्थायी वारंटों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विवेचना के दौरान आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेज समय पर जुटाए जाएं, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जा सके। जिन प्रकरणों में नियमानुसार खात्मा अथवा खारिजी की कार्रवाई उचित हो, उनका भी प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र निराकरण किया जाए।

गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश और वारंट तामिली पर जोर
गुम इंसान प्रकरणों में लापता व्यक्तियों की पतासाजी और दस्तयाबी के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। वहीं, गिरफ्तारी एवं स्थायी वारंटों की तामिली कर संबंधित आरोपियों को गिरफ्तार करने पर जोर दिया गया।
लंबित मर्ग प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच समय पर पूरी करने तथा विसरा और मेडिकल रिपोर्ट निर्धारित समय में प्राप्त करने के लिए शासकीय चिकित्सकों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। मृत्यु के मामलों में मृत्यु के स्पष्ट कारणों का उल्लेख सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
किरायेदारों, होटल और ढाबों का होगा सत्यापन
अपराध नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ट्रक चालकों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की नियमानुसार जांच करने तथा अवैध सामग्री के परिवहन पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा किरायेदारों, होटल और ढाबों का सत्यापन करने तथा अवैध अप्रवासियों से संबंधित मामलों में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में सीसीटीएनएस पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों को समय पर पूरा करने, लघु अधिनियमों के तहत कार्रवाई और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(8) एवं 193(9) से संबंधित लंबित प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर भी फोकस
क्राइम मीटिंग में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने और यातायात व्यवस्था में सुधार करने पर जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता के साथ कार्य करें।
बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों के निराकरण में तेजी लाने, अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने और पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह एवं प्रभावी बनाना रहा।













