प्रदेश रूचि

असमंजस के बीच सजा होली बाजार, 50 से 1000 तक पिचकारी और 100 से 2200 तक नगाड़े

बालोद। होली पर्व को लेकर जिला मुख्यालय का बाजार रंग-बिरंगी रौनक से सज गया है। बाजार में गुलाल, पानी में घुलने वाले रंग, आकर्षक पिचकारियां, बच्चों के मुखौटे और पारंपरिक नगाड़ों की दुकानें सज चुकी हैं। हालांकि इस वर्ष होलिका दहन की तिथि को लेकर बने असमंजस के कारण खरीदारी की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी…

Read More

बसंत पंचमी पर क्यों गाड़ा जाता है ‘अंडा पेड़’? इसी रस्म से कैसे शुरू होती है होलिका की तैयारी… जानिए पढ़ें प्रदेश रुचि की ये खास रिपोर्ट

रिपोर्टिंग (नरेश श्रीवास्तव) लेख – संतोष साहू  बालोद। माघ मास की शुक्ल पंचमी को मनाए जाने वाले बसंत पंचमी पर्व ने शुक्रवार को बालोद जिले में एक बार फिर लोकसंस्कृति और परंपराओं को जीवंत कर दिया। जिले के शहरी और ग्रामीण अंचलों में इस पर्व को न केवल श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया,…

Read More

बड़गाँव की महिला शिक्षिकाओं की पहल — कन्या पूजन और न्यौताभोज से खिले बच्चों के चेहरे

डौंडी लोहारा ब्लॉक के बड़गाँव संकुल के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला और पूर्व माध्यमिक शाला चिल्हाटीकला में इस बार नवरात्रि खास रही। परंपरा के साथ शिक्षा का संदेश जोड़ते हुए हायर सेकेंडरी स्कूल बड़गाँव की महिला व्याख्याताओं ने न्यौताभोज सह कन्या भोज और कन्या पूजन का आयोजन किया। कार्यक्रम में कुल 150 बच्चों को न्यौताभोज…

Read More

आज से पंडालो में विराज रहे विघ्नहर्ता.. लेकिन बालोद जिला मुख्यालय स्थित इस स्वयंभू गणेश के दर्शन मात्र से होता है हर मनोकामना पूरी

बालोद- जिला मुख्यालय के मरारपारा गणेश वार्ड में स्थित जमीन से निकले स्वयं भू गणपति जिसको लेकर दिन प्रतिदिन भक्तों की आस्था बढ़ती जा रही है। पहले दो लोगों ने मुर्ति को व्यवस्थित कर पूजा की शुरूआत की उसके बाद भक्तों की संख्या बढ़ती गई और अब शुक्रवार को गणेश चतुर्थी के ग्यारह दिनों तक…

Read More

मिट्टी के शिवलिंग, नांदिया बैल, नाव, भौंरा, बांटी, आदि खिलौने सजाकर मनाये इस भगवान का जन्मदिन… और अपने संतान की लंबी उम्र का किये कामना…आखिर क्या विशेषता है आज माताओं द्वारा मनाये इस त्यौहार का…

रायपुर/बालोद – प्रदेश भर के अलग अलग शहरी  सहित ग्रामीण अंचलों में शनिवार को माताओं ने संतान की दीर्घायु की कामना को लेकर कमरछठ पर्व मनाया। सगरी स्थल पर सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना के बाद माताओं ने अपने संतानों की पीठ पर छह बार पोथा मारा। कमरछठ पर्व के चलते बाजार में सुबह से ही…

Read More
error: Content is protected !!