बालोद- बालोद जिला मुख्यालय में अवैध प्लाटिंग पर प्रशासन की टीम ने 23 फरवरी को अवैध प्लाटिंग पर बनाए गए सड़क और टुकड़े किए जमीन पर बुलडोजर चला कर समतलीकरण करने की कार्रवाई किया गया था। जिसके बाद से लगने लगा कि अब प्रशासन अवैध प्लाटिंग पर लगातार कार्यवाही करेगी लेकिन 10 दिनों का समय बीत जाने के बाद भी अन्य अवैध प्लाटिंग पर प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नही किया गया हैं। प्रशासन द्वारा शहर में अवैध प्लाटिंग के मामले में केवल खानापूर्ति की जा रही है।वही एसडीएम गंगाधर वाहिले ने अवैध प्लाटिंग पर लगातार कार्यवाही करने की बाते कही गई थी लेकिन अब अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही करने की मुहिम ठंडे बस्ते में चला गया।वही भूमाफिया द्वारा शासन के आदेश को दरकिनार कर झलमला में कृषि जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर खरीदी बिक्री किया जा रहा हैं।झलमला में अवैध प्लाटिंग करने के सबंध में प्रदेश रुचि ने 24 फरवरी को एसडीएम गंगाधर वाहिले का ध्यानाकर्षण कराया गया थ लेकिन एसडीएम द्वारा कोई ध्यान नही दिया गया ।
अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही करने की मुहिम ठंडे बस्ते में
बता दे कि नगर पालिका ने बालोद शहर के 17 भूस्वामियों को नोटिस जारी कर सीमेंट के खंभे को हटाने के लिए कहा गया था।जिस पर भूमिस्वामियो द्वारा कोई जवाब नही दिया गया और सीमेंट के खंभे को हटाया गया।जिसके बाद 23 फरवरी को राजस्व,नगर पालिका और नगर निवेश की सयुक्त टीम ने शहर के पाररास,रोशन नगर और कुंदरूपारा में करीब 4 एकड़ 35 डिसमिल की अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाकर समतलीकरण करने की कार्यवाही महज खानापूर्ति के लिए किया गया था। अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही करने की मुहिम ठंडे बस्ते में चले गया। अवैध प्लाटिंग के लिए बनाए सड़क और सीमेंट के खंभे को हटाने की कार्रवाई केवल एक दिन चली और दर्जनों अवैध प्लाटिंग में अभी भी सड़क और खंभे स्थापित। इन स्थानों पर माफियाओ द्वारा अवैध प्लांट को ग्राहकों दिखाकर सौदे बाजी किया जा रहा हैं।
जिन लोगो के नाम पर जमींन हैं, दूसरे भूमाफिया कर रहे अवैध प्लांटिंग
प्रशासन ने तीन अवैध प्लाटिंग के लिए लगाए गए सीमेंट पोल को भी उखाड़ दिया था। मामले में नगर पालिका ने भू-मालिकों को नोटिस जारी किया था। यहां अवैध प्लाटिंग में 11 दलाल और 20 से ज्यादा भू मालिक हैं, जिनके द्वारा एग्रीमेंट किया गया है। जिन लोगों के नाम पर जमीन है, उनकी जमीन पर दूसरे भूमाफिया अवैध प्लाटिंग कर करोड़ों रुपए के वारे-न्यारे कर रहे हैं।
जमीन दलालों के खिलाफ कार्रवाई
जमीन दलालों द्वारा बिना कोई सुविधा के और स्तरहीन सड़क का निर्माण कर अवैध प्लाटिंग की जमीन को टुकड़े-टुकड़े में बेचा जा रहा था। जिस पर 23 फरवरी को प्रशासन की टीम द्वारा शहर के कुन्दरूपारा व पाररास खसरा नंबर 639/1 रकबा 0.142 हेक्टेयर, 639/3 रकबा 0.91 हेक्टेयर में करीब 4 एकड़ की अवैध प्लाटिंग की सड़कें खोदकर कर जमीन दलालों के खिलाफ कार्रवाई किया था।
बड़े माफिया को बख्श रहा प्रशासन
शहर के सभी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की शिकायत है। प्रशासन द्वारा 23 फरवरी को तीन अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही किया था। लेकिन बड़े भू-माफिया इस कार्रवाई से अब तक अछूते ही है। बालोद शहर के कई वार्डो में भी अब तक दलालों पर कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इसी तरह राजनांदगांव ,दुर्ग और धमतरी के मुख्य मार्ग के दोनों तरफ बड़े क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की जा रही। वहां भी कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। इस कारण प्रशासन की कार्यवाही पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।
झलमला के कृषि भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग
झलमला के कृषि भूमि खसरा नंबर 155 व 151 में कुंदरूपारा में खसरा नम्बर 744 सहित जिले के अलग अलग जगहों में मार्किंग कर धड़ल्ले से अवैध प्लांटिंग किया जा रहा है। कृषि जमीन को भूमाफियाओं द्वारा समतलीकरण कर अलग अलग प्लांटिंग कर खम्बे भी गड़ा दिया है।भूमाफियाओं द्वारा अवैध प्लांटिंग की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है।भूमाफिया द्वारा खेत को प्लाटिंग करने के पहले कच्ची सड़क तैयार कर उसमें बकायदा मुरुम डाला गया ताकि ग्राहकों को अपने ओर आकर्षित करते हैं। इसके बाद भूमाफिया अपने तरीके से प्लाटिंग किया हैं। कृषि योग्य भूमि को प्लाट के रूप में विकसित कर खरीदी-बिक्री के लिए नियमानुसार डायवर्शन करना पड़ता है। एक से अधिक प्लाट काटने के बाद नियमानुसार कालोनाइजर एक्ट के तहत सभी फार्मेलिटी पूरी करने के बाद उसकी खरीदी -बिक्री होनी चाहिए, लेकिन बिना पंजीयन के ही न केवल आवासीय कालोनी डेवलप हो रही हैं बल्कि खेत-खलिहान की आवास के रूप में धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग भी हो रही है। एक ओर प्रशासन द्वारा केवल खानापूर्ति के लिए तीन अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही किया गया हैं लेकिन अन्य अवैध प्लाटिंग पर 10 दिन बीत जाने के बाद कोई कार्यवाही नही किया जा रहा जिस पर प्रशासन के ऊपर सवालिया निशान उठने लगा है।वही दूसरी तरफ ग्रामीण अंचलों में भूमाफियाओं द्वारा धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग किया जा रहा।इस पर क्या प्रशासन कोई कार्यवाही करेगी।