मिली जानकारी के अनुसार, यह धमकी भरा ई-मेल 9 मार्च 2026 को प्राप्त हुआ, जिसमें जिला न्यायालय परिसर और जज चेंबर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। ई-मेल मिलने के बाद न्यायालय प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को दी। इसके बाद पूरे न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।।सुरक्षा के लिहाज से कोर्ट परिसर में मौजूद सभी मजिस्ट्रेटों को पुलिस सुरक्षा में सर्किट हाउस ले जाया गया। वहीं न्यायालय में मौजूद अधिवक्ताओं और अन्य लोगों को भी तत्काल परिसर से बाहर निकाल दिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही बालोद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया। इसके बाद बम स्क्वॉड, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से न्यायालय परिसर की गहन जांच की गई। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी प्रकार का वास्तविक खतरा सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि धमकी भरे ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है और ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस संबंध में जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद की ओर से जिला अधिवक्ता संघ को भी आधिकारिक पत्र जारी कर घटना की जानकारी दी गई है। पत्र में बताया गया है कि न्यायालय के आधिकारिक ई-मेल पर sourav_biswas21@hotmail.com आईडी से धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ था, जिसमें न्यायालय परिसर और जज चेंबर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। स्थिति को देखते हुए न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा, जांच और सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

देशभर में बढ़ रहे धमकी भरे ई-मेल के मामले
बालोद में सामने आया यह मामला ऐसे समय में आया है जब देश के कई बड़े शहरों में भी अदालतों, स्कूलों, एयरपोर्ट और सरकारी संस्थानों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से अधिकांश मामलों में जांच के दौरान धमकियां फर्जी या शरारती तत्वों द्वारा भेजी गई पाई गई हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर माध्यम से धमकी देने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में साइबर सेल और तकनीकी एजेंसियों की मदद से ई-मेल की लोकेशन और आईपी एड्रेस ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाती है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तकनीकी जांच में जुटी हुई है और धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत है या इसके पीछे कोई अन्य मकसद।




















