बालोद। रंगों और उमंग का पर्व होली इस बार बालोद जिले में जाम के रंग से भी सराबोर नजर आया। त्योहार से ठीक पहले और होलिका दहन के दिन शराब दुकानों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई जगहों पर लोग रंग-गुलाल से पहले “जश्न का इंतजाम” पक्का करते नजर आए।
आंकड़ों के मुताबिक, होली के आसपास महज दो दिनों में ही जिले में करीब 8 करोड़ 30 लाख रुपये की विदेशी और देसी शराब की बिक्री दर्ज की गई। इनमें से होलिका दहन के दिन लगभग 5 करोड़ 50 लाख रुपये की शराब बिकी, जबकि होली के अगले दिन करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपये की बिक्री हुई।
त्योहार से दो-तीन दिन पहले से ही शराब की मांग में तेजी दिखाई देने लगी थी। दुकानों के सामने लगी लंबी कतारें और लगातार बढ़ती बिक्री ने यह साफ कर दिया कि इस बार होली का उत्साह काफी “हाई स्पिरिट” में रहा।
कुल मिलाकर देखा जाए तो रंगों के इस पर्व ने शराब बिक्री के आंकड़ों को भी नई ऊंचाई दे दी। यूं कहें कि होली जहां आम लोगों के लिए रंगों और खुशियों का त्योहार रही, वहीं शराब कारोबार के लिहाज से यह किसी “दीवाली” से कम नहीं रही।
जानकारों की मानें तो त्योहारों के दौरान कुछ जगहों पर दुकानों से खरीदी गई शराब को अवैध तरीके निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर आगे बेचने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं।




















