जिले की प्रशासनिक कमान एक महिला अधिकारी के हाथ में है। कलेक्टर दिव्या मिश्रा संवेदनशील और सक्रिय प्रशासनिक नेतृत्व के लिए जानी जाती हैं। वहीं ग्राम पंचायत से लेकर जनपद और जिला पंचायत तक कई महिलाएँ सरपंच, अध्यक्ष, सभापति और सदस्य के रूप में जनप्रतिनिधित्व करते हुए क्षेत्र की आवाज को मजबूती से उठा रही हैं।
राजनीतिक क्षेत्र में भी बालोद जिले की पहचान मजबूत है। संजारी-बालोद विधानसभा से विधायक संगीता सिन्हा और डौंडीलोहारा से विधायक अनिला भेड़िया महिलाओं के नेतृत्व की सशक्त मिसाल हैं। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर भी जिले के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
प्रशासनिक महकमे में भी महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर मधु हर्ष, डिप्टी कलेक्टर प्राची ठाकुर, गुंडरदेही एसडीएम प्रतिमा ठाकरे, एसडीओपी माया शर्मा, अतिरिक्त तहसीलदार संध्या नामदेव, नायब तहसीलदार अल्पा साहू, जिला पंचायत उप संचालक काव्या जैन, गुंडरदेही जनपद सीईओ निखत सुल्ताना, पीडब्ल्यूडी ईई पूर्णिमा चंद्रा, डीईओ मधुलिका तिवारी, बीज निगम प्रबंधक माधुरी बाला, जिला पंजीयक प्रियंका श्रीरंगे, जिला प्रबंधक नान शालिनी सहित कई विभागों में महिलाएँ जिम्मेदारी संभालते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बना रही हैं।
वहीं राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी कई महिलाएँ सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। जिला पंचायत सदस्य के रूप में लक्ष्मी अशोक साहू, प्रभा नायक, चुन्नी मानकर, चंद्रिका गंजीर, ललिता पिमन साहू और मीना सत्येंद्र साहू कांति सोनबरसा कार्य कर रही हैं। जनपद पंचायत डौंडीलोहारा की अध्यक्ष कांति सोनबरसा भी क्षेत्र के विकास में सक्रिय हैं।

इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, जनपद अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया, प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा शीतल नायक जिला उपाध्यक्ष भुवनेश्वरी ठाकुर और जिला मंत्री निशा योगी भी समाज और राजनीति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में पुष्पा चौधरी और कादम्बिनी यादव,शिल्पी राय,गायत्री साहू एनुका सार्वा ,तृप्ति ठाकुर सहित अन्य महिला शिक्षिका भी महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं।
महिला दिवस पर नेताओं और अधिकारियों का संदेश

कलेक्टर दिव्या मिश्रा का कहना है कि महिलाएँ समाज की शक्ति, संवेदना और प्रगति की आधारशिला हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, विज्ञान और खेल जैसे क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा से समाज को नई दिशा दी है। उनका कहना है कि जिले में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।

डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया के अनुसार महिला केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि शक्ति, साहस और संवेदना की पहचान है। महिलाओं के परिश्रम और समर्पण से परिवार, समाज और देश निरंतर आगे बढ़ रहा है।

संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण ही सशक्त समाज की पहचान है। हर बेटी को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए और हर महिला को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का अधिकार है।

जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर का मानना है कि नारी परिवार, समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव है। जब महिलाएँ आगे बढ़ती हैं तो समाज और देश भी प्रगति की राह पर आगे बढ़ता है।

गुण्डरदेही एसडीएम प्रतिमा ठाकरे के मुताबिक महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस प्रशासन महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

बालोद जनपद अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया ने माता-पिता से अपील करते हुए कहा कि बेटियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना जरूरी है। यदि बेटियाँ आत्मनिर्भर बनेंगी तो वे जीवन के हर निर्णय को आत्मविश्वास के साथ ले सकेंगी।

प्रतिभा चौधरी, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद बालोद ने कहा
“महिलाएँ आज हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और मेहनत से नई पहचान बना रही हैं। समाज और देश के विकास में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। हमारा प्रयास है कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें।”

मोनिका ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बालोद ने कहा कि
“महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। पुलिस प्रशासन महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। शिक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास के साथ महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज को मजबूत बना सकती हैं।”

संयुक्त कलेक्टर मधु हर्ष का कहना है कि महिलाएँ किसी से तुलना करने की बजाय अपनी क्षमता को पहचानें और आगे बढ़ें। आज महिलाएँ तकनीकी और पेशेवर क्षेत्रों में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।

डिप्टी कलेक्टर प्राची ठाकुर ने कहा कि महिलाओं का शिक्षित और आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है, ताकि वे अपने अधिकारों और अवसरों को पहचान सकें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

जिला पंचायत उप संचालक काव्या जैन ने कहा कि महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि हर दिन नारी सम्मान का प्रतीक होना चाहिए। हर महिला अपने भीतर अपार शक्ति रखती है।

जिला पंजीयक प्रियंका श्रीरंगे के अनुसार महिलाओं को समान अधिकार मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर अभी भी कई चुनौतियाँ मौजूद हैं, जिन्हें शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से दूर किया जा सकता है।

अतिरिक्त तहसीलदार संध्या नामदेव ने कहा कि महिला दिवस समाज को यह याद दिलाता है कि महिलाओं के बिना समाज अधूरा है और लैंगिक समानता समाज के विकास के लिए आवश्यक है।
कुल मिलाकर बालोद जिले में महिला नेतृत्व की मजबूत उपस्थिति यह साबित करती है कि आज की नारी केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासन, राजनीति और समाज के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता से नई पहचान बना रही है।




















