बाजार में बारदाना की जमकर हो रही कालाबजारी
हर रोज आवक बढ़ने से बारदाना की संख्या समितियों में घटती जा रही है। किसान मजबूरी में व्यपारी से कटे फटे बारदाने को ज्यादा दामों में ले रहे है। जिससे किसान परेशान हो गए हैं। बड़ी बात यह है कि किसानों की समस्या को देखते हुए शासन-प्रशासन ने अन्नादाताओं के बारदानों की कीमत को 18 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये कर दी है। इसके बाद से बाजार में बारदाना की कालाबाजारी बढ़ गई है। जो बारदाना पहले 15 से 25 रुपये में बिक रहा था। वर्तमान में बारदाना की कीमत 30 से 40 हो गई है।
बाजार में कटे फटे बारदाना को 25 से 30 रुपये में खरीद रहे किसान
बाजार में 25 से 30 रुपये वाला बारदाना कई जगहों से फटा हुआ है। जिसके चलते किसान मजबूरी में 30 या उससे अधिक रूपये वाला बारदाना खरीदकर नुकसान उठा रहे हैं।बारदाने की मांग बढऩे से अब उसके दाम में उछाल आ गया है।किसानों ने बताया कि शुरुआती दिनों में जो बारदाना 25 रुपए में बिक रहा था, वह अब 30 से 35 रुपए में बिक रहा है। कटे-फटे व पुराने बारदाने को भी 25 से 30 रुपए में बेचा जा रहा है। साथ ही व्यापारी किसानों को बारदाना छांटकर लेने नहीं देते हैं। बंडल में जैसा बारदाना होता है, किसानों को वैसा बारदाना लेना पड़ता है।
बारदाना की मारामारी बढ़ी
खरीदी केंद्रों में किसानों द्वारा लाने वाले बारदानों की कीमत 18 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये करने के बाद बाजार में इसकी मारामारी शुरू हो गई है। कई व्यापारी 35 से 40 रुपये के नीचे बारदाना बेच ही नहीं रहे हैं। कुछ जगहों पर किसानों को 25 से 30 रुपये वाला बारदाना मिल तो रहा है, पर वो भी कई जगहों से फटा हुआ है। मारमारी के बीच किसान मजबूरी में बारदाना लेकर सिलाई करा रहे हैं। वहीं ज्यादातर किसान नुकसान उठाकर 30 से 35 रुपये वाला ही बारदाना खरीद रहे हैं।