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बालोद जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर दूर इस गांव में खुलेआम चल रही अवैध शराब की बिक्री.. ग्रामीणो के समझाइस पर शराब कोचिया देता है थाने तक पहुंच की धमकी

बालोद- छत्तीसगढ़ में अवैध शराब की बिक्री को लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक सख्त कदम उठाया है। इस कदम के अनुसार प्रदेश में शराब बेचने वाली ठेकेदारी व्यवस्था को खत्म किया गया और सरकार खुद आबकारी विभाग के जरिए शराब बेच रही है। यह कदम गांवों में उल्टी दिशा में चल रही है। हालात ऐसे हो गए है कि पहले के अपेक्षा अब गांवों में अवैध शराब अधिक बिक रही है।वही जिला मुख्यालय से तीन किमी दूरी पर स्थित ग्राम बधमरा में एक व्यक्ति के द्वारा खुलेआम शराब बेची जा रही हैं।शराब बेचने पर मनाही करने पर उक्त शराब तस्कर द्वारा गांव वाले को पुलिस में शिकायत कर दो, मेरा कोई कुछ बिगाड़ नही सकता ,मेरा थाने में सेटिंग होने की बाते कही जाती हैं।

ग्रामीण अंचलों में खुलेआम हो रही है शराबखोरी

शराब का अवैध कारोबार कर अधिक लाभ कमाने के चक्कर में गांव गांव में शराब की अवैध बिक्री लगातार हो रही है। इसके चलते ग्रामीण अंचलों व नगरीय क्षेत्रों का माहौल खराब होता जा रहा है। वहीं युवा पीढ़ी नशे की लत का आदी हो रही है। बालोद शहर सहित ग्रामीण अंचलों में अवैध शराब बेची जा रही हैं, जहां चौक-चौराहें पर खुलेआम शराब की ब्रिकी हो रही है जिससे कानून व्यवस्था पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है। अवैध शराब की बिक्री से जहां गांव का माहौल खराब हो रहा है, तो वहीं युवा पीढ़ी भी नशे की लत के आदि होते जा रहे हैं।

 

80 की शराब 120 में बिक रही है

गांव में किसी भी समय आसानी से अवैध शराब मिल जाती है, फर्क सिर्फ इतना रहता है कि सरकारी दुकान में पव्वा 80 रूपए और इस जगह 120 रूपए पव्वा बिकता है। चिंताजनक बात यह है कि बेरोजगार युवा इन अवैध धंधो की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। सवाल यह भी है कि समय रहते यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो गांव का माहौल दिनबदिन बिगड़ता जाएगा। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के शायद ही कोई गांव शराब की अवैध बिक्री से अछूता हो। आलम यह है कि गांव वालों को दूध की तलाश में भले ही भटकना पड़ता हो। लेकिन मदिरा प्रेमियों को गांव में बिना मशक्कत किये ही शराब उपलब्ध हो जाती है। ऐसे में गांव का महौल प्रदुषित होना स्वभाविक है।

ऐसे पहुंचाई जाती है अवैध शराब

ग्रामीण अंचलों में गांव-गावं अवैध शराब की बिक्री हो रही है। इसे बेचने वाले गांव तक पहुचाने के लिए दुकान खुलने के बाद दो से तीन मोटर साइकिलों में झुंड बनाकर अधिक मात्रा में शराब ले जाते हैं। दोपहर तक 100 से अधिक पौवों का जुगाड़ कर लेते हैं। और चौक-चौराहों में ग्रहकों का तलाश करते हैं। सूत्रों की माने तो हर गांवों में आधा दर्जन से ज्यादा शराब बेचने वाले कोचिए पनप गए हैं। आपकों बता दे कि सरकार भी शराब बेचकर पैसे कमाने में मशगुल है।

क्या कहते है जनप्रतिनिधी

जनपद सदस्य सरिता साहू के पति यशवंत साहू ने कहा कि गांव में एक व्यक्ति द्वारा खुलेआम शराब बेच जा रहा है।गांव में शराब बेचे जाने को लेकर गांव में सामूहिक बैठक कर शराब नही बेचने की चेतावनी भी दिया था,जिसके बाद उक्त व्यक्ति द्वारा कुछ लोगो के साथ वाद विवाद किया गया था।अब गांव वाले थाने में शिकायत करने की बाते कही जा रही है।

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