गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय से 9 किलोमीटर दूर ग्राम कलगपुर में 7 माह पहले बने 7 लाख 50 हजार रुपया के लागत से सीमेंटटीकरण पहली बरसात में उखड़ने से ग्रामीणों में आक्रोश ,आखिर गुंडरदेही क्षेत्र में बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं सफेदपोश नेताओं के संरक्षण के चलते सरपंच को दबाव में डालकर ठेकेदारी करने वाले सफेद पोस् नेताओं की संख्या लगातार बढ़ते क्रम पर आखिर कलंगपुर के आम नागरिकों के आंख में धूल झोंक कर सीमेंटीकरण करने वाले आखिर जिम्मेदार कौन होगा ।
गुंडरदेही क्षेत्र के विधायक संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद को ग्रामीणों ने मांग किया था तो संसदीय सचिव ने तत्काल 7 लाख 50 हजार रुपया की सीमेंटीकरण की स्वीकृति दिया था, पर निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत सरपंच पुष्पा गोविंद सिन्हा एवं ग्राम पंचायत के सचिव प्रवीण कुमार के मार्गदर्शन हुए सीमेंटीकरण आज भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
ब्लॉक में अधिकांश ग्राम पंचायत में राजनीतिक दबाव के चलते कई सरपंच परेशान पंचायत प्रतिनिधि मजबूर होकर सफेदपोश नेताओं को काम करने का मौका देता है और कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्वयं फस जाते हैं।
7 महीना में सात लाख के सीमेटीकरण उखाड़ने के मामले में कलंगपुर के सरपंच पुष्पा गोविंद सिन्हा संपर्क करने पर गोविंद सिन्हा ने कहा कि बस स्टैंड में गर्मी के समय लगभग 50 से 70 जानवर प्रतिदिन बैठता था जिसकी मल मूत्र से सीमेंटीकरण खराब हो गया।
निर्माण एजेंसी के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी आर ई एस के एसडीओ बीएस राव ने कहा जिस समय सीमेंटीकरण हो रहा था उस समय हल्की पानी गिरा जिसके कारण ऊपर का सीमेंट ऊपर से धूल गया इसलिए गिट्टी उखड़ने लगा ।
अब तो जनप्रतिनिधि व अधिकारी के अलग-अलग बयान के चलते आखिर कलंगपुर के ग्रामीणों की सपना अधूरा रह गया आखिर भ्रष्टाचार की सीमा पार करने वाले अधिकांश सत्ता पक्ष और विपक्ष में जिंदाबाद मुर्दाबाद कहने वाले लोगों में ही ठेकेदारी पर उतर आए हैं शासन के पैसे के बंदरबांट करने में बालोद जिले की गुंडरदेही ब्लॉक सबसे आगे चल रहे हैं चाहे मनरेगा कार्य हो या स्वास्थ्य विभाग में फर्नीचर खरीदी हो या गांव गांव में सीमेंटीकरण हो 7 माह सीमेंटीकरण खराब हो जाना यह तो जांच का विषय है।