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मंत्रालय में अच्छी पकड़ का झांसा देते हुए नौकरी लगाने के नाम पर 2 लाख 70 हजार रुपये का किया ठगी

बालोद- जिले के दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के वार्ड 20 गांधी चौक निवासी सतीश साहू को 3 वर्ष पहले दल्लीराजहरा निवासी कविता साहू एवं यशवंत साहू द्वारा मंत्रालय में अच्छी पकड़ होने का झांसा देकर पुलिस की नौकरी लगाने के नाम पर 2 लाख 70 हजार रुपये का धोखाधड़ी करने के मामले सामने आया है। प्रार्थी सतीश साहू ने कविता साहू व यशवंत के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज किया है। प्रार्थी की लिखित शिकायत पर कविता साहू व यशवंत साहू के खिलाफ धारा 420,34 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। सतीश साहू ने पुलिस को बताया कि मेरी पत्नि श्रीमती रेशमा साहू एवं उनकी परिचित श्रीमती कविता साहू दोनों साथ में सरस्वती शिशु मंदिर दल्लीराजहरा में शिक्षिका पद पर कार्यरत हैं। मेरी पत्नि श्रीमती रेशमा साहू एवं श्रीमती कविता साहू दोनों की अच्छी जान-पहचान है। इस दौरान 2017 -18 में जिला पुलिस बल राजनांदगांव की भर्ती निकली थी। भर्ती के लिए तैयारी कर रहा था। इसी दौरान माह मई/2018 में श्रीमती कविता साहू ने मेरी पत्नि रेशमा साहू से कहा था कि उसका मंत्रालय में जान-पहचान है, जो पुलिस में नौकरी लगवा सकती है। उक्त संबंध में मेरी पत्नि रेशमा साहू ने मुझे बताई थी। कविता साहू और यशवंत साहू द्वारा नौकरी लगाने के लिए 3 लाख 50 हजार रुपये की मांग किया गया और शुरुवात में 2 लाख 70 हजार देने को कहा गया । श्रीमती कविता साहू एवं यशवंत साहू के बातों से हम लोग राजी हो गये। इस दौरान मेरे पास पैसा नहीं था तब मैंने अपने भाई प्रदीप साहू व मामा सुभाष साहू से 50-50 हजार रूपये व साला वीरेन्द्र साहू से 01 लाख रूपये नगर उधार मांगा था तथा मेरी पत्नि के गहने बेचकर 50 हजार रूपये एकत्र किया था तथा उस वक्त मेरे पास 20 हजार रूपये नगर रखा हुआ था जिसे मिलाकर कुल 2 लाख 70 हजार रूपये नगद होने पर बातचीत होने के करीबन 03-04 दिनों पश्चात माह जून/2018 में मेरी पत्नि श्रीमती रेशमा साहू एवं भाई प्रदीप साहू तथा साला वीरेन्द्र साहू सभी श्रीमती कविता साहू के घर गये थे जहां पूर्व से ही यशवंत साहू भी आया हुआ था।

निश्चित होकर करो फिजिकल की तैयारी

प्रार्थी ने बताया कि इस दौरान श्रीमती कविता साहू एवं यशवंत साहू दोनों ने कहा कि आप निश्चिंत होकर अपने फिजिकल की तैयारी करो बाकी हम लोग कर लेंगे, ऐसा कहकर रुपये की मांग किये। तब अपनी पत्नि श्रीमती रेशमा साहू एवं भाई प्रदीप साहू तथा साला वीरेन्द्र साहू के समक्ष 2 लाख 70 हजार रूपये नगद  कविता साहू एवं यशवंत साहू को दिया था। रूपयों के लेन-देन के संबंध में कोई लिखा-पढ़ी नहीं हुआ है।  कविता साहू से मेरा एवं मेरी पत्नि का अच्छा संबंध होने से हम लोगों ने उनकी बातों पर विश्वास करते हुए उन्हें उपरोक्त रकम दिये थे। किन्तु आज दिनांक तक उनके द्वारा नौकरी नहीं लगाया गया है और न ही उनके द्वारा पैसा वापस किया गया है।

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