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बालोद जिले के ग्रामीण इलाकों से कलेक्टर ने की रोका छेका अभियान की शुरुआत.. तो दुसरीं तरफ जिला मुख्यालय में शासन के अभियान पलीता लगाते नजर आ रहे अधिकारी

 

बालोद-राज्य शासन की महत्वपूर्ण अभियान रोका छेका को जिला प्रशासन व जिले के कलेक्टर लगातार ग्रामीण अंचल में इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने ग्रामीणो को लगातार प्रोत्साहित करते नजर आए यही नही अभियान की शुरुआत में गौठानो का भ्रमण कर गौधनो को चारा खिलाकर इस योजना को प्रारंभ किये तो वही दुसरीं तरफ बालोद जिला मुख्यालय में नगर पालिका दूसरा चेहरा सामने आया जिसमे नगर पालिका क्षेत्र में इस अभियान की शुरुआत नही हो पाई है जिला मुख्यालय के प्रमुख मार्गों पर आज मवेशियों व गौधनो का जमावड़ा देखा जा सकता है बावजूद इसके बालोद नगर पालिका इस पूरे मामले को लेकर गंभीर दिखाई नही दे रहा है
चौक चौराहों में मवेशियों के जमावड़ा रहता
वही जिले के दो अलग अलग तस्वीरे देख लीजिए पहला ग्राम चिरचारी का है जिसमे जिले के मुखिया खुद गौठान पहुंचकर रोका छेका अभियान की शुरुआत करते नजर आ रहे है दुसरीं बालोद शहर के मुख्यमार्ग का जहाँ से रोजाना हजारों गाड़ियां गुजरती है ऐसे जगहों पर मवेशियों व गौधनो का लगातार विचरण के बावजूद बालोद नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी अब तक सिर्फ कागजो में अभियान को संचालित करते नजर आ रहे है जबकि जमीनी हकीकत को ये तस्वीरें खुद बयान कर रही है

मुख्यमंत्री के आदेश का भी बालोद नगर पालिका अधिकारी पर असर नही

आपको बतादे रोका छेका अभियान के पहले ही मुख्यमंत्री का बयान सामने आया था जिसमे साफ तौर पर कहा गया था कि सड़कों पर मवेशियों के पाए जाने पर संबंधित क्षेत्र के सीएमओ पर कार्यवाही होगी ऐसे में बालोद जिला मुख्यालय के सभी चौक चौराहों पर मवेशियों के जमावड़ा कही न कही सीएम के ही आदेश का पालिका प्रशासन द्वारा खुलेआम अवहेलना कहा जा सकता है या कहे कि जिम्मेदार अधिकारी को सीएम के भी आदेश का परवाह नही
आपको बतादे ये सिर्फ एक जिला मुख्यालय का नही बल्कि जिले के अन्य जगहों पर ऐसी स्थिति दिखाई देती है जिले के डौंडीलोहारा ब्लाक के पोपलाटोला मोड़ के पास की है जहाँ दो दिनों से सड़क पर मृत पड़ी गाय को कोई उठाने वाला कोई नहीं आया । सड़क में दो दिनों तक मृत पड़ी गाय को उठाने के लिए मालिक,स्थानीय प्रशासन, ग्रामीण और न ही कोई कोई गौ सेवक पहुचे थे। घटना 30 जून की रात्रि का बताया जा रहा है।
शहर में मवेशियों का दिखने लगा है झुंड
इस अभियान का पालिका दरकिनार कर पुराने ढर्रे पर जिला मुख्यालय बालोद की सड़कों पर बरसात के चलते मवेशियों का झुंड आए दिन दिखने लगा है। बारिश के मौसम के चलते मवेशी सड़क के किनारे न बैठकर सड़क पर अतिक्रमण कर बैठे रहते हैं जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मवेशियों के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी है लेकिन नगर पालिका प्रशासन द्वारा आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए रोका छेका अभियान को ठंडे बस्ते में डाल दिया है, और इसे आगे भी नहीं चलाया गया है। वही इन्हीं सड़कों पर मवेशी आराम से बैठे रहते हैं। दोनों ही स्थितियों में वाहन चालकों को ही परेशानी होती है। मुख्य मार्ग दल्लीचौक से गंजपारा मार्ग व नगर के चौक-चौराहों,नया बस स्टैंड व मोहल्ले सहित अन्य सड़कों पर मवेशी देखे जा सकते हैं। इससे वाहन चालकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

मवेशियों से आम जनता त्रस्त
मवेशियों की परेशानी से आम जनता को अभी निजात मिली ही नहीं है, आवारा मवेशियों का आतंक सिर्फ सड़क पर ही नहीं बल्कि बाजारों में भी देखा जा रहा है। खरीदारी करने बाजार पहुंचे लोगों को आवारा मवेशियों की परेशानी से जूझना पड़ता है। झुंड के झुंड आवारा मवेशी बाजारों में सरपट दौड़ते नजर आते हैं। जिससे लोगों में भय का वातावरण निर्मित हो जाता है। कभी-कभी यह मवेशी लोगों के द्वारा लिए गए सब्जी व फल को गिरा कर उन्हें खाने लग जाते हैं। लोग भय के कारण मवेशियों के नजदीक नहीं जा पाते हैं जिससे मवेशी सारी सब्जियां व फल बेकार कर देते हैं। वहीं बाजारों में दुकानदारों द्वारा डंडा लेकर बैठे देखा जा सकता है।

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