
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से विरोध मार्च की शुरुआत की। हाथों में पार्टी के झंडे और नारे लिखी तख्तियां लेकर कार्यकर्ता सरकार एवं चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घड़ी चौक पहुंचे और वहां से जय स्तंभ चौक तक मार्च किया। जय स्तंभ चौक पर कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है। निर्वाचित सांसदों को शांतिपूर्ण मार्च से रोकना और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बल प्रयोग किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दबाव या बल प्रयोग से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही के माध्यम से दिया जाना चाहिए।

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष कृष्णा दुबे ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का मत है। यदि वोट और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े होते हैं तो लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता को लेकर जनता का विश्वास कायम रहना जरूरी है। मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर चुनाव आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा ने कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को रोकना विपक्ष की आवाज दबाने के समान है। कांग्रेस कार्यकर्ता गांव से लेकर शहर तक लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े हैं।
शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का एक-एक वोट है। वोट केवल मतदान केंद्र में बटन दबाने का माध्यम नहीं, बल्कि देश की दिशा और भविष्य तय करने का अधिकार है। यदि वोट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं तो लोकतंत्र कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि प्रत्येक मतदाता के अधिकार और उसके वोट की रक्षा के लिए है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का आधार जनता का विश्वास और निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए। चुनाव आयोग की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान संवैधानिक प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय चुनाव व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर उसका लोकतांत्रिक संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद
विरोध प्रदर्शन में यज्ञ देव पटेल, रवि प्रकाश यादव, कल्लू कुरैशी, धीरज उपाध्याय, कमलेश श्रीवास्तव, वैभव शर्मा, विनोद बंटी शर्मा, सुमित शर्मा, आबिद मलिक, साजन पटेल, साधु राम पटेल, रोहित सागर, संतोष चौधरी, दिनेश कुमार, मोहनीश पारकर, प्रेम गोलवंशी, कमल टुवानी, उदय आलेंद्र, देवेंद्र साहू, उस्मान राजा, पोषण लाल, रीता सोनी, कृष्णा साहू, फैज अली, दिलीप कुमार, सूर्यकांत सोनी, राजेंद्र सोनकोटिया, मेघनाथ साहू, रोहन लोकनाथ निषाद, अभिषेक यादव, भीखम ठाकुर, जितेंद्र पटेल एवं सुनील मंडावी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।













