जानकारी के मुताबिक, दाऊलाल की पत्नी का करीब तीन वर्ष पहले निधन हो गया था। इसके बाद तेंदूपत्ता संग्राहक हितग्राही परिवार के तहत मिलने वाली बीमा सहायता के लिए उन्होंने आवेदन किया था, लेकिन लंबे समय तक भुगतान नहीं हो सका। लगातार प्रयासों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से वे आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे।
दाऊलाल की कमजोर आर्थिक स्थिति के बीच परिवार का पालन-पोषण और दो बेटियों की शादी की चिंता लगातार बनी हुई थी। इसी दौरान किल्लेकोड़ा निवासी होरीलाल सिन्हा ने उनकी समस्या से संजय बैस को अवगत कराया।
विभागीय संपर्क से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक की पहल
संजय बैस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई और तेंदूपत्ता एवं लघु वनोपज से जुड़े राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त यज्ञदत्त शर्मा को भी मामले की जानकारी दी।
लगातार फॉलोअप के बाद दाऊलाल के खाते में 2 लाख रुपये की बीमा सहायता राशि जमा कर दी गई।
“उम्मीद छोड़ चुका था”
राशि मिलने की सूचना मिलते ही दाऊलाल भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि लंबे समय से वे इस सहायता राशि की उम्मीद छोड़ चुके थे। उनका कहना है कि आर्थिक संकट के बीच मिली यह राशि उनकी दोनों बेटियों के विवाह की तैयारियों में बड़ी राहत साबित होगी।
दाऊलाल ने संजय बैस, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और यज्ञदत्त शर्मा के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लगातार प्रयासों के कारण उन्हें उनका अधिकार मिल सका।

“जरूरतमंद तक उसका हक पहुंचाना ही जनसेवा”
संजय बैस ने बताया कि करीब एक माह पहले दाऊलाल ने उनसे अपनी समस्या साझा की थी। इसके बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से भी मामला शासन तक पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि जनसेवा का वास्तविक अर्थ तभी है, जब किसी जरूरतमंद की परेशानी को अपनी जिम्मेदारी समझकर उसके समाधान के लिए प्रयास किया जाए। दाऊलाल के खाते में राशि पहुंचने और उनके चेहरे पर खुशी देखने का अवसर उनके लिए संतोष का विषय है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है, जिसका उपयोग लोग अपने अधिकारों के लिए कर सकते हैं।
संजय बैस ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के दौरान दाऊलाल जैसे जरूरतमंद परिवार की मदद कर पाना उनके लिए विशेष संतोष की बात है।
तीन वर्षों से लंबित बीमा सहायता राशि मिलने के बाद दाऊलाल के परिवार में खुशी का माहौल है। आर्थिक संकट से जूझ रहे इस परिवार के लिए यह सहायता बेटियों के भविष्य और विवाह की तैयारियों में महत्वपूर्ण सहारा मानी जा रही है।













