
सुबह 6:45 बजे पहली ट्रेन का सफल ट्रायल
रेलवे ने पूरी रात और दिनभर युद्धस्तर पर मरम्मत अभियान चलाकर ट्रैक को सुरक्षित बनाने का काम किया। रविवार सुबह करीब 6:45 बजे पहली यात्री ट्रेन को ट्रायल के रूप में प्रभावित रेलखंड से निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के दौरान ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित पाया गया, जिसके बाद नियमित परिचालन बहाल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

मंडल रेल प्रबंधक ने खुद संभाला मोर्चा
इस अभियान की सबसे खास तस्वीर तब सामने आई जब रायपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक दयानंद खुद रात से ही घटनास्थल पर डटे रहे। उन्होंने केवल निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि रेलवे कर्मचारियों और मजदूरों के साथ मिलकर फावड़ा (रापा) चलाकर मरम्मत कार्य में भी हाथ बंटाया। लगातार मौके पर मौजूद रहकर उन्होंने इंजीनियरिंग और संरक्षा टीमों के साथ पूरे ऑपरेशन की निगरानी की और ट्रैक को जल्द सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए।

हजारों यात्रियों को मिलेगी राहत
दुर्ग-दल्लीराजहरा रेलखंड बालोद जिले के साथ बस्तर अंचल के हजारों यात्रियों के लिए रोजमर्रा की जीवनरेखा माना जाता है। नौकरी, व्यापार, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए बड़ी संख्या में लोग इसी रेल मार्ग पर निर्भर हैं। ट्रेनों के करीब 30 घंटे तक बंद रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन अब ट्रायल सफल होने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सुरक्षा के बाद ही बहाल होगा पूरा परिचालन
रेलवे प्रशासन का कहना है कि प्रभावित ट्रैक पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा मानकों की पूरी तरह पुष्टि होने के बाद ही अन्य यात्री ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू किया जाएगा। फिलहाल ट्रायल की सफलता के बाद रेल सेवा सामान्य होने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।













