
जिला मुख्यालय के जलेश्वर महादेव मंदिर, कपिलेश्वर महादेव मंदिर, शीतला शिव मंदिर (गंगासागर तालाब), स्टेशन रोड स्थित शिव मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। महिला-पुरुष, युवा और बच्चों ने शिवलिंग पर जल, दूध एवं गंगाजल अर्पित कर बेलपत्र, भांग, धतूरा, पुष्प और फल चढ़ाते हुए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
जलेश्वर महादेव में 21 लीटर दूध से हुआ विशेष दुग्धाभिषेक
जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल दशौंदी तालाब स्थित विशाल जलेश्वर महादेव मंदिर में सावन के प्रथम सोमवार पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। मंदिर के प्रमुख यज्ञदत्त शर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी रजना शर्मा ने भगवान शिव का 21 लीटर दूध से विशेष दुग्धाभिषेक किया।
इस अवसर पर मंदिर परिसर को तोरण-द्वार, पताकाओं, फूल-मालाओं एवं आकर्षक विद्युत सज्जा से भव्य रूप दिया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान जलेश्वर महादेव के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

भजन-कीर्तन से भक्तिमय रहा वातावरण
सावन सोमवार के अवसर पर जिले के विभिन्न मंदिरों में भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जलेश्वर महादेव, शीतला मंदिर, राम मंदिर, हनुमान मंदिर, रेलवे फाटक स्थित शिव मंदिर, मोखला मांझी मंदिर तथा पुराना बस स्टैंड स्थित शिव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया।
पूजा-अर्चना के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। मंदिरों में घंट-घड़ियाल की मधुर ध्वनि और शिव भजनों से दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन माह के दौरान प्रत्येक सोमवार को विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा।

सावन में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व
हिंदू धर्म में सावन माह को भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र और प्रिय समय माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस माह में श्रद्धा एवं विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, व्रत और पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण रहा कि सावन के प्रथम सोमवार पर बालोद जिले के शिवालयों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा वातावरण शिवभक्ति में सराबोर दिखाई दिया।




















