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फिल्म डाउनलोड कराने के झांसे में सहायक शिक्षक से 1.35 लाख की साइबर ठगी

फेसबुक रील में दिखे विज्ञापन के लिंक पर किया क्लिक, संदिग्ध एप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल हुआ हैंग; शिक्षक और पत्नी के खातों से रकम ट्रांसफर

बालोद। सोशल मीडिया पर फिल्म डाउनलोड करने का झांसा देकर साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम झलमला निवासी सहायक शिक्षक प्रकाश कुंभकार साइबर ठगों के जाल में फंसकर 1 लाख 34 हजार 858 रुपए गंवा बैठे। ठगों ने शिक्षक और उनकी पत्नी के बैंक खातों से रकम अज्ञात खातों में ट्रांसफर कर दी। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित के मुताबिक उन्होंने किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं की थी।

फेसबुक रील देखते समय आया फिल्म डाउनलोड का विज्ञापन

जानकारी के अनुसार प्रकाश कुंभकार फेसबुक पर रील देख रहे थे। इसी दौरान उन्हें नई फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखने और डाउनलोड करने से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया। फिल्म देखने की उत्सुकता में उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद फिल्म डाउनलोड करने के लिए एक एप्लीकेशन डाउनलोड करने की प्रक्रिया शुरू हुई।

इसी दौरान मोबाइल स्क्रीन पर अश्लील और संदिग्ध विज्ञापन दिखाई देने लगा। शिक्षक के अनुसार विज्ञापन को हटाने के लिए उन्होंने जैसे ही उस पर क्लिक किया, उनका मोबाइल अचानक हैंग हो गया और कुछ देर बाद बंद हो गया।

मोबाइल चालू हुआ तो बैंक खाते से पैसे निकलने के मैसेज आने लगे

मोबाइल दोबारा चालू करने के बाद शिक्षक के फोन पर बैंक खातों से रकम निकलने के लगातार मैसेज आने लगे। उन्होंने तत्काल बैंक खाते की जांच कराई तो पता चला कि उनके और उनकी पत्नी के खातों से कुल 1,34,858 रुपए अज्ञात खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं।

पीड़ित के अनुसार उन्होंने न तो किसी अज्ञात व्यक्ति को ओटीपी बताया और न ही बैंक खाते से संबंधित कोई गोपनीय जानकारी साझा की थी। ऐसे में आशंका है कि संदिग्ध लिंक या एप्लीकेशन के जरिए मोबाइल में किसी प्रकार का मालवेयर अथवा खतरनाक एप इंस्टॉल हुआ हो, जिसके माध्यम से ठगों ने बैंकिंग लेनदेन को निशाना बनाया। मामले की जांच के बाद ही ठगी के तकनीकी तरीके की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जागरूकता के बावजूद अनजान लिंक पर क्लिक बन रहा मुसीबत

साइबर अपराध से बचाव के लिए बालोद पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। पुलिस के अनुसार पिछले दो वर्षों में जिले में साइबर जागरूकता को लेकर सैकड़ों शिविर आयोजित किए गए हैं। स्कूल-कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर विद्यार्थियों एवं आम लोगों को अनजान लिंक, संदिग्ध एप्लीकेशन और ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए गए हैं।

इसके बावजूद सोशल मीडिया पर फिल्म, नौकरी, इनाम, निवेश और अन्य आकर्षक ऑफर के नाम पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों के झांसे में आकर लोग अनजान लिंक पर क्लिक कर रहे हैं। यही लापरवाही साइबर ठगों के लिए लोगों के मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंचने का रास्ता बन रही है।

शिकायत में देरी से रकम वापस मिलने की संभावना होती है कम

पुलिस के मुताबिक साइबर ठगी के बाद सबसे महत्वपूर्ण है कि पीड़ित बिना देरी किए शिकायत करे। कई मामलों में पीड़ित 5 से 10 दिन बाद थाने पहुंचते हैं। तब तक ठगी की रकम कई बैंक खातों में ट्रांसफर होने के बाद निकाली जा चुकी होती है। इससे रकम को होल्ड कराने अथवा वापस दिलाने की प्रक्रिया कठिन हो जाती है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले फिल्म डाउनलोड, नौकरी, इनाम, निवेश अथवा किसी भी प्रकार के लालच वाले अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी संदिग्ध एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से भी बचें। यदि ऑनलाइन ठगी हो जाए तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें और संबंधित बैंक को भी सूचना दें, ताकि ठगी की रकम के आगे ट्रांसफर को रोकने की कार्रवाई समय रहते की जा सके।

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