बढ़ती कृषि उपज के बीच आधुनिक मंडी की जरूरत
बालोद जिला कृषि प्रधान क्षेत्र है और बड़ी संख्या में किसान कृषि तथा उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर हैं। जिले में धान सहित विभिन्न कृषि उपज का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। मांगपत्र में कहा गया है कि वर्तमान मंडी परिसर में बढ़ती आवक के अनुपात में पर्याप्त स्थान और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों, व्यापारियों और मंडी से जुड़े अन्य लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। विशेषकर धान खरीदी और कृषि उपज के सीजन में मंडी परिसर पर दबाव बढ़ने से उपज के रखरखाव, आवागमन, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर परेशानियां सामने आती हैं। इसे देखते हुए बालोद में कृषि उपज मंडी समिति के लिए नवीन मंडी परिसर की स्वीकृति की मांग की गई है।

मंडी में हों आधुनिक सुविधाएं
मांगपत्र में प्रस्तावित नवीन मंडी परिसर में पर्याप्त नीलामी शेड, उपज भंडारण व्यवस्था, किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज, विश्राम स्थल, पेयजल, शौचालय, पार्किंग तथा सड़क एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया गया है।
मांगपत्र के अनुसार आधुनिक मंडी परिसर बनने से किसानों को अपनी उपज के विक्रय और विपणन में बेहतर सुविधा मिल सकती है। इसके लिए स्थल चयन, प्रस्ताव एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर शासन स्तर से आवश्यक स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह मंत्री से किया गया है।
राजाराव पठार-कर्रेझर में आदिवासी संग्रहालय की मांग
दूसरे मांगपत्र में गुरुर तहसील के राजाराव पठार-कर्रेझर में आदिवासी संग्रहालय एवं उससे संबंधित निर्माण कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान की मांग प्रमुखता से रखी गई है। मांगपत्र में राजाराव पठार को ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाला क्षेत्र बताते हुए कहा गया है कि यहां बाबा राजाराव विराजमान हैं और यह क्षेत्र बालोद के साथ धमतरी एवं कांकेर क्षेत्र के अनेक आदिवासी परिवारों की आस्था का केंद्र है।
मांगपत्र में बताया गया है कि यहां शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर वीर मेला आयोजित होता है। इसी क्षेत्र में आदिवासी समाज की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं परंपरागत विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से संग्रहालय निर्माण की मांग रखी गई है। इसके लिए 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने का आग्रह मंत्री रामविचार नेताम से किया गया है।
एक मांग किसानों के लिए, दूसरी विरासत के संरक्षण के लिए
राकेश यादव द्वारा मंत्री के समक्ष रखे गए दोनों मांगपत्र जिले के अलग-अलग लेकिन महत्वपूर्ण सरोकारों से जुड़े हैं। नवीन मंडी परिसर की मांग सीधे किसानों को बेहतर विपणन और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ी है, जबकि राजाराव पठार में आदिवासी संग्रहालय की मांग आदिवासी समाज के इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण से संबंधित है। ऐसे में दोनों प्रस्तावों को बालोद जिले के कृषि विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है। मांगपत्र के माध्यम से शासन से आवश्यक कार्रवाई और स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया गया है।













