बोर्ड अधिकारी बनकर पालकों से मांग रहे 3 से 4 हजार रुपये, क्यूआर कोड भेजकर ऑनलाइन भुगतान का बना रहे दबाव; मूल्यांकन केंद्र ने बताया— पूरी प्रक्रिया गोपनीय, पैसे लेकर पास कराने का दावा पूरी तरह झूठा
बालोद। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सत्र 2026-27 की जुलाई माह में आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी पूरक परीक्षाएं 22 जुलाई को समाप्त होने के बाद 27 जुलाई से उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य शुरू हो चुका है। इसी बीच परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों और पालकों की चिंता का फायदा उठाने के लिए साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। ये फर्जी दलाल स्वयं को माध्यमिक शिक्षा मंडल का अधिकारी बताकर विद्यार्थियों को पास कराने के नाम पर पालकों से हजारों रुपये की अवैध मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, बालोद नगर के दो-तीन पालकों को 27 एवं 28 जुलाई को अज्ञात मोबाइल नंबरों से फोन कॉल प्राप्त हुए। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को रायपुर स्थित माध्यमिक शिक्षा मंडल का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उनके बच्चे पूरक परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए हैं। उसने यह भी कहा कि यदि तत्काल अंक बढ़वाकर पास नहीं कराया गया तो विद्यार्थी का पूरा एक शैक्षणिक वर्ष खराब हो जाएगा। इसके एवज में तीन से चार हजार रुपये ऑनलाइन भेजने की मांग की गई तथा भुगतान के लिए क्यूआर कोड भी साझा किया गया।
एक पीड़ित पालक ने बताया कि 27 जुलाई को उसे तीन बार और 28 जुलाई की सुबह फिर फोन किया गया। कॉल करने वाले ने उसके बेटे को कक्षा 10वीं की पूरक परीक्षा में पास कराने के नाम पर चार हजार रुपये की मांग की। इसके बाद “गोविंद सुधाकर” नाम बताने वाले एक अन्य व्यक्ति ने भी स्वयं को माध्यमिक शिक्षा मंडल का अधिकारी बताते हुए संपर्क किया और ऑनलाइन भुगतान के लिए लगातार दबाव बनाया। हालांकि पालक ने सतर्कता दिखाई और किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया। उसने ठगों के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखी है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसियों को सौंपा जा सकता है।
पीड़ित पालक ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि ऐसे फर्जी फोन कॉल, लालच और दबाव में बिल्कुल न आएं। यदि कोई व्यक्ति बोर्ड अधिकारी बनकर पैसे मांगता है तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस एवं संबंधित विभाग को दें। साथ ही उसने माध्यमिक शिक्षा मंडल से मांग की है कि मुख्य एवं पूरक परीक्षा से संबंधित विद्यार्थियों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाए, ताकि ऐसे ठगों तक विद्यार्थियों और पालकों की व्यक्तिगत जानकारी न पहुंच सके।
मूल्यांकन केंद्र ने किया स्पष्ट— पैसे लेकर पास कराने का दावा पूरी तरह भ्रामक
इधर, बालोद के समन्वय केंद्र स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में 27 जुलाई से पूरक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जारी है। केंद्र के प्राचार्य अरुण साहू ने स्पष्ट किया कि उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरी तरह गोपनीय प्रक्रिया के तहत किया जाता है। उत्तरपुस्तिकाओं पर अंकित रोल नंबर एवं अन्य पहचान संबंधी जानकारी विशेष स्टीकर से ढकी रहती है, जिससे जांच करने वाले शिक्षक को परीक्षार्थी का नाम, पता अथवा परीक्षा केंद्र की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में किसी छात्र को पैसे लेकर पास कराने या अंक बढ़वाने का दावा पूरी तरह निराधार, भ्रामक और धोखाधड़ी का प्रयास है।




















