Skip to main content

प्रदेश रूचि

राष्ट्रीय सहकारिता में बढ़ा छत्तीसगढ़ का गौरव: यज्ञदत्त शर्मा को मिला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व

राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड एवं राष्ट्रीय श्रम सहकारी संघ के संचालक मंडल में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के प्रतिनिधि के रूप में नामित, किसानों, वनोपज संग्राहकों और श्रमिकों के हितों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

बालोद। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा को देश की सहकारिता व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जिम्मेदारी सौंपे जाने से प्रदेश के सहकारिता जगत में उत्साह और गौरव का वातावरण है। उन्हें राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड एवं राष्ट्रीय श्रम सहकारी संघ के संचालक मंडल में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के प्रतिनिधि के रूप में नामित किया गया है। इस नियुक्ति को न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के सहकारिता आंदोलन की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

सहकारिता क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब देशभर में जैविक खेती को बढ़ावा देने, प्राकृतिक कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा सहकारी संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए यज्ञदत्त शर्मा का चयन इस बात का संकेत है कि राज्य की सहकारिता व्यवस्था और यहां के अनुभवों को राष्ट्रीय स्तर पर महत्व दिया जा रहा है।

यज्ञदत्त शर्मा लंबे समय से सहकारिता क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रियता, सरल कार्यशैली तथा किसानों, वनोपज संग्राहकों और ग्रामीण हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक प्रभावशाली सहकारी नेतृत्व के रूप में स्थापित करती है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ में उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सहकारी समितियों को मजबूत करने तथा वनोपज आधारित आजीविका को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार सक्रिय भूमिका निभाई है। यही अनुभव और कार्यशैली उन्हें राष्ट्रीय स्तर की इस जिम्मेदारी तक लेकर आई है।

राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड के संचालक मंडल में उनकी भागीदारी से प्रदेश में जैविक खेती, प्राकृतिक कृषि, जैविक उत्पादों के विपणन, मूल्य संवर्धन और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे विषयों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं राष्ट्रीय श्रम सहकारी संघ में उनकी भूमिका श्रमिकों, सहकारी श्रम समितियों और ग्रामीण रोजगार से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से रखने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसके साथ ही लघु वनोपज संग्राहकों की आय बढ़ाने, वन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा सहकारी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण विकास को गति देने में भी यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सहकारिता क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि यज्ञदत्त शर्मा का शांत, समन्वयकारी और परिणामोन्मुखी नेतृत्व उनकी सबसे बड़ी पहचान रहा है। वे सदैव संवाद, सहभागिता और सामूहिक निर्णय की कार्यशैली में विश्वास रखते हैं। यही कारण है कि संगठन के भीतर और बाहर उन्होंने अपनी एक विश्वसनीय पहचान बनाई है। उनका मानना रहा है कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक विकास और सामूहिक समृद्धि का प्रभावी माध्यम है। यही सोच अब राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश को नई पहचान दिलाने में सहायक हो सकती है।

बालोद सहित पूरे छत्तीसगढ़ में उनकी नियुक्ति पर सहकारिता से जुड़े पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, किसानों, सामाजिक संगठनों एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि यज्ञदत्त शर्मा अपने अनुभव, दूरदर्शी सोच और कार्यकुशलता के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे तथा किसानों, वनोपज संग्राहकों, श्रमिकों और सहकारी समितियों के हितों की मजबूती से पैरवी करेंगे।

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए यज्ञदत्त शर्मा ने सभी वरिष्ठजनों, संगठन और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दायित्व उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ के किसानों, वनोपज संग्राहकों, श्रमिकों और सहकारी संस्थाओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य प्रदेश के सहकारिता मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना, जैविक खेती और लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना तथा सहकारी संस्थाओं को आत्मनिर्भर और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करना रहेगा।

यज्ञदत्त शर्मा की यह नियुक्ति केवल एक व्यक्ति को मिला सम्मान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सहकारिता व्यवस्था, किसानों, वनोपज संग्राहकों और श्रमिकों के विश्वास का भी सम्मान है। माना जा रहा है कि उनके राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय योगदान से प्रदेश की सहकारी संस्थाओं को नई ऊर्जा, नई दिशा और विकास के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा छत्तीसगढ़ का सहकारिता मॉडल देशभर में एक सशक्त उदाहरण के रूप में स्थापित होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!