लंबे अंतराल के बाद एक-दूसरे से मिले सहपाठियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। किसी ने पुराने दोस्त का हालचाल जाना तो किसी ने स्कूल के दिनों की शरारतों और किस्सों को याद कर माहौल को खुशनुमा बना दिया। वर्षों की दूरी मानो कुछ घंटों में ही सिमट गई और सभी फिर उसी दौर में लौट गए, जहां दोस्ती ही सबसे बड़ी पूंजी हुआ करती थी।
समारोह के दौरान पूर्व छात्र-छात्राओं ने स्कूल जीवन से जुड़ी पुरानी यादें, अनुभव और दिलचस्प किस्से साझा किए। पुरानी तस्वीरों को देखकर बीते दिनों को याद करने का सिलसिला भी चलता रहा। कई मौकों पर हंसी के ठहाके गूंजे तो कुछ क्षण ऐसे भी आए, जब सहपाठी भावुक होकर अपने पुराने दिनों में खो गए।

स्मृति चिह्न ने बढ़ाई समारोह की आत्मीयता
कार्यक्रम में वर्ष 2005 बैच के सभी पूर्व छात्र-छात्राओं को स्मृति स्वरूप मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। स्मृति चिह्न प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी के साथ भावुकता भी दिखाई दी। यह सम्मान केवल एक स्मृति चिह्न नहीं, बल्कि स्कूल जीवन और उस दौर की दोस्ती को संजोकर रखने का प्रतीक बन गया।
मिलन समारोह में विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान आपसी स्नेह, मित्रता और भाईचारे की भावना दिखाई दी। लंबे समय बाद मिले साथियों ने एक-दूसरे के जीवन की उपलब्धियों और वर्तमान परिस्थितियों को जाना तथा पुरानी दोस्ती को नए सिरे से मजबूत किया।

समारोह के समापन अवसर पर पूर्व छात्र-छात्राओं ने भविष्य में भी ऐसे मिलन समारोह आयोजित करने का संकल्प लिया, ताकि स्कूल के दिनों से जुड़े रिश्तों की यह डोर आने वाले वर्षों में भी मजबूत बनी रहे।
दुधली स्कूल के 2005 बैच का यह मिलन समारोह महज पूर्व विद्यार्थियों की मुलाकात नहीं रहा, बल्कि बचपन की यादों, पुरानी दोस्ती और बीते हुए सुनहरे दौर को फिर से जी लेने का भावनात्मक अवसर बन गया। समय भले ही आगे बढ़ गया हो, लेकिन इस मिलन ने साबित कर दिया कि स्कूल के दिनों में बने रिश्तों पर वक्त की धूल जम सकती है, उन्हें मिटाया नहीं जा सकता।













