बालोद/दल्लीराजहरा। धोबेदंड के आश्रित ग्राम दर्राटोला को शासन द्वारा राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने के बावजूद विभागीय रिकॉर्ड और ऑनलाइन पोर्टल में आज तक इसकी प्रविष्टि नहीं होने से ग्रामीणों को लगातार राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस के नेतृत्व में मंगलवार को ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और तत्काल ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व शासन ने दर्राटोला को राजस्व ग्राम घोषित कर प्रमाण-पत्र जारी कर दिया था, लेकिन विभागीय पोर्टल और कंप्यूटर रिकॉर्ड में आज तक गांव का नाम दर्ज नहीं किया गया है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को नामांतरण, सीमांकन, जाति, निवास, आय प्रमाण-पत्र सहित विभिन्न राजस्व एवं शासकीय कार्यों में उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की समस्या सामने आने पर भाजपा नेता संजय बैस ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्वयं ग्रामीणों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने शासन के आदेश का तत्काल पालन करते हुए ऑनलाइन रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन कराने और राजस्व ग्राम की प्रविष्टि शीघ्र सुनिश्चित करने की मांग की।
इस दौरान संजय बैस ने कहा कि शासन द्वारा राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने के बाद भी यदि विभागीय अभिलेखों में गांव का नाम दर्ज नहीं है, तो इससे ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि दर्राटोला के प्रत्येक नागरिक को शासन की योजनाओं और राजस्व सेवाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। प्रशासन को इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर जल्द से जल्द ऑनलाइन रिकॉर्ड दुरुस्त करना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद तहसीलदार ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन रिकॉर्ड में संशोधन कराने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर बलवंत साहू, रवि नेताम (अध्यक्ष, जनकल्याण समिति), जोहन भंडारी, देवप्रसाद भंडारी, पूरण करपाल, अंजोरी भंडारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




















