
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बैंक परिसर के पास लगे ट्रांसफार्मर में एक बंदर करंट की चपेट में आ गया, जिससे ट्रांसफार्मर में आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटें बैंक भवन तक पहुंच गईं और बैंक के भीतर धुआं भरने लगा। घटना की सूचना मिलते ही तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराई गई तथा बैंक प्रबंधन, पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचित किया गया।

सूचना मिलते ही बैंक प्रबंधक आर.के. यादव, बैंक कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बैंक कर्मचारियों ने शाखा का मुख्य द्वार खोलकर प्राथमिक अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी बीच दुर्ग से दमकल वाहन भी मौके पर पहुंचा और संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया।

घटना के बाद थाना गुण्डरदेही के टीआई नवीन बोरकर, एसडीओपी राजेश बागड़े सहित पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के उपाध्यक्ष नरेश यदु भी घटनास्थल पहुंचे। उनके साथ अर्जुंदा मंडल अध्यक्ष जीतू विश्वास, गुमान यादव समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैंक प्रबंधक आर.के. यादव ने बताया कि आगजनी में 3 कंप्यूटर, 3 सीपीयू, फोटोकॉपी प्रिंटर, पासबुक प्रिंटर, बैंक काउंटर, सीसीटीवी कैमरे और पूरी विद्युत वायरिंग जलकर नष्ट हो गई है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।
राहत की बात यह रही कि बैंक की नकदी और सभी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित हैं। आग से प्रभावित शाखा में अगले चार दिनों तक लेन-देन बंद रहेगा। इस अवधि में किसान और ग्राहक अपने बैंकिंग कार्यों के लिए अंडा और गुण्डरदेही शाखाओं का उपयोग कर सकेंगे। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।




















