
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का आरोप है कि बस स्टैंड क्षेत्र में सड़क निर्माण हुए दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक नाली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई। परिणामस्वरूप हल्की बारिश या पानी भराव की स्थिति में पूरा बस स्टैंड क्षेत्र जलमग्न हो जाता है, जिससे दुकानदारों और आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लंबे समय से शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने से जनता का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा।

धरना-प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने नेशनल हाईवे विभाग के अधिकारियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद सुबह से नगर पालिका की टीम मौके पर सफाई में जुटी है, जबकि संबंधित नाली नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन एनएच विभाग के अधिकारियों का रवैया पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएच के ईई फोन तक नहीं उठाते, जबकि एसडीओ को कई बार कॉल करने के बावजूद घंटों बाद मौके पर पहुंचे। इतना ही नहीं, मौके पर पहुंचने के बाद एसडीओ ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह उनका काम नहीं है और उन्होंने कोई वादा नहीं किया। प्रतिभा चौधरी ने स्पष्ट कहा कि ऐसे अधिकारी शहर विकास में बाधा हैं और उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।

आंदोलन में नगर पालिका उपाध्यक्ष कमलेश सोनी, भाजपा पार्षद गिरिजेश गुप्ता, कांग्रेस पार्षद विनोद बंटी शर्मा, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष अमित चोपड़ा, गोलू गुप्ता, कमल बजाज, वैभव राखेचा, यूसुफ खान, लालू सेवलानी, हेमराज जज्ञाशी, किशोर बाफना, इकबाल खान, लक्की सलूजा, मोहम्मद इकलान और मोहम्मद जुनैद सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व व्यापारी शामिल रहे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एनएच विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा तत्काल नाले की सफाई तथा स्थायी समाधान के लिए 15 दिनों के भीतर कार्य योजना लागू करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद आंदोलन स्थगित किया गया।

आश्वासन मिलते ही एनएच विभाग ने जेसीबी मशीन बुलाकर नाली सफाई कार्य शुरू कराया, जिसके बाद एनएच 930 पर यातायात फिर से सुचारू हो सका। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर नेशनल हाईवे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता का कहना है कि यदि समय रहते विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाता, तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की नौबत ही नहीं आती।




















