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बालोद। जिले में प्रशासनिक सख्ती का बड़ा उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने गुरुवार तड़के सुबह करीब 5:30 बजे शहर का पैदल औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, निर्माण कार्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में गंभीर लापरवाही सामने आने पर अधिकारियों को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई गई।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जब दूध गंगा क्षेत्र पहुंचीं तो वहां की स्थिति देखकर नाराज हो गईं। नाली का गंदा पानी सीधे फैक्ट्री के अंदर फैल रहा था, जहां मिठाइयां बनाकर रखी गई थीं। सबसे गंभीर बात यह रही कि उसी स्थान पर कीड़े बजबजाते नजर आए। खाद्य सुरक्षा के इस बड़े उल्लंघन को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से फैक्ट्री को सील करने के निर्देश दिए।

शहर के विभिन्न इलाकों में भ्रमण के दौरान स्थानीय लोगों ने भी सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें कीं। इस पर कलेक्टर ने नगर पालिका अधिकारियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

बालोद-राजनांदगांव मुख्य मार्ग पर चल रहे सड़क सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण कार्य की धीमी प्रगति पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि 20 अप्रैल तक कार्य को गुणवत्ता के साथ हर हाल में पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जब नए बस स्टैंड पहुंचीं तो वहां टैक्सी स्टैंड पर एक पाइप टूटा हुआ लटकता मिला। इस पर नगर पालिका के सब इंजीनियर को फटकार लगाते हुए तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर के इस सख्त और सक्रिय रुख से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति बनी रही। सुबह से जारी इस एक्शन मोड ने साफ संदेश दिया है कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, आज कार्यालय समय में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
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