सबसे ज्यादा दिक्कत नए बस स्टैंड क्षेत्र में देखने को मिली, जहां नेशनल हाईवे के ठेकेदार की लापरवाही के चलते अधूरी नाली निर्माण का खामियाजा आम लोगों और दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है। बस स्टैंड के प्रवेश द्वार के सामने बारिश का पानी जमा हो गया, जिससे दुकानों के सामने जलभराव की स्थिति बन गई और व्यापार प्रभावित हुआ।

बस स्टैंड परिसर बना ‘तालाब’
बारिश के बाद बस स्टैंड परिसर का एक बड़ा हिस्सा तालाब जैसा नजर आने लगा। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी बाहर निकलने के बजाय परिसर में ही जमा हो गया। यात्रियों, दुकानदारों और आम लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि ठेकेदार द्वारा दोनों प्रवेश द्वारों पर नाली निर्माण के साथ पुल तो बना दिया गया, लेकिन पानी निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन हर बारिश में बस स्टैंड जलमग्न हो रहा है। इस स्थिति को लेकर व्यापारियों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है।

नगर पालिका की अनदेखी पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका इस समस्या को लंबे समय से नजरअंदाज कर रही है। जलभराव के कारण जहां गंदगी फैल रही है, वहीं इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। बावजूद इसके, समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा।

सड़कों पर बहा नालियों का गंदा पानी
रविवार सुबह हुई बारिश ने नगर पालिका के जल निकासी के दावों की पोल खोल दी। वार्ड क्रमांक 6 सहित कई इलाकों में नालियों की सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। महीनों से नालों की सफाई नहीं होने के चलते कचरा और गंदगी बारिश के पानी के साथ सड़कों पर फैल गई, जिससे आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
जनसरोकार का बड़ा सवाल
बार-बार सामने आ रही जलभराव की समस्या अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और शहर की बुनियादी व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि हर बारिश में शहर को ‘तालाब’ बनने से बचाया जा सके।




















