ओमप्रकाश सेन वर्ष 2007 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए वर्ष 2017 और 2021 में राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मान प्राप्त किया। वे बीजापुर में कंपनी कमांडर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। मूल रूप से गुरुर ब्लॉक के नवागांव निवासी ओमप्रकाश सेन की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा सेन वर्तमान में बालोद के तरौद ग्राम में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

पहले आगमन पर हुआ भव्य स्वागत
डीएसपी पद पर पदोन्नति के बाद बालोद नगर में प्रथम आगमन पर घड़ी चौक में सेन समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत किया। गाजे-बाजे, आतिशबाजी और फूलमालाओं के साथ स्वागत करते हुए जुलूस घड़ी चौक से शिव मंदिर (पुराना बस स्टैंड) तक निकाला गया। इस दौरान “सेन महाराज” और “भारत माता” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। मंदिर पहुंचकर ओमप्रकाश सेन ने भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
सफलता का श्रेय परिवार और गुरुओं को
ओमप्रकाश सेन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, पत्नी, गुरुजनों और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर परिश्रम और ईमानदारी ही सफलता की कुंजी है। वे सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते हैं और जनसेवा को हमेशा प्राथमिकता देते हैं।
कार्यक्रम में सेन समाज के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें लालचंद नूनीवाल, विक्की भारद्वाज, ढालेश्वर भारद्वाज, मुकेश कौशिक, हरीश सेन, तोमेश सेन, मनोज श्रीवास, चंद्रशेखर भारद्वाज सहित अन्य लोग शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन विक्की भारद्वाज ने किया।
कार्यक्रम के पश्चात ओमप्रकाश सेन ने बालोद में निर्माणाधीन सेन भवन का निरीक्षण भी किया और आवश्यक मार्गदर्शन देते हुए संबंधित सदस्यों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी।
समाज के लिए प्रेरणा बने ओमप्रकाश सेन
सेन समाज के सदस्यों ने ओमप्रकाश सेन की उपलब्धि को पूरे समाज के लिए गौरवपूर्ण बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनकी सफलता युवाओं के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो यह संदेश देती है कि समर्पण और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।




















