
तत्परता ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही वार्ड क्रमांक 12 के पार्षद सुमित शर्मा मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्यों की कमान संभाली। इसी दौरान बालोद थाना के आरक्षक मोहन कोकिला ने भी पहुंचकर सक्रिय सहयोग दिया। दोनों की त्वरित कार्रवाई से आग पर शुरुआती नियंत्रण संभव हो सका और स्थिति बिगड़ने से बच गई।
संयुक्त प्रयासों से बुझी आग
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची। स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस के साथ मिलकर टीम ने आग बुझाने का अभियान चलाया। सामूहिक प्रयासों के चलते आग पर काबू पा लिया गया और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया गया।

फायर स्टेशन की दूरी बनी चुनौती
गौरतलब है कि वर्तमान में फायर ब्रिगेड स्टेशन जमरूआ में स्थित है, जिससे घटनास्थल तक पहुंचने में समय लगता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर में अब तक फायर स्टेशन के लिए स्थायी स्थान तय नहीं किया जा सका है, जो आपात स्थितियों में बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने निभाई अहम भूमिका
राहत कार्य के दौरान शाहरुख खान, गोविंदा टावरी, मेम भाई, कुलपत साहू और श्री देवांगन सहित कई स्थानीय लोगों ने सक्रिय सहयोग दिया। इनके प्रयासों से आग बुझाने का काम और तेज व प्रभावी हुआ।

फिर उठी स्थायी फायर स्टेशन की मांग
इस घटना के बाद एक बार फिर बालोद शहर में स्थायी फायर ब्रिगेड स्टेशन की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
जनप्रतिनिधियों, पुलिस और आम नागरिकों की सजगता ने एक बड़े नुकसान को टाल दिया, लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए स्पष्ट संकेत है कि शहर में आपात सेवाओं की बुनियादी सुविधाओं को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।




















