प्रदेश रूचि

ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने दिखाई एकजुटता, हर माह होगी बैठक, प्रतिभावान बेटियों के सम्मान का संकल्पआईटीआई में पढ़ाई छोड़ छात्रों से मजदूरी, निर्माण कार्य के दौरान छात्र घायल हादसे में दोनों हाथों की पांच उंगलियां कटीं, छात्रों ने वर्षों से श्रम कराने का लगाया आरोपराष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर बालोद में प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान, जल संरक्षण और पशु-पक्षियों के लिए पानी को लेकर हुई सार्थक चर्चाराष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर विशेष:- एक वर्ष, अनेक उपलब्धियां..कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के नेतृत्व में बदला बालोद का प्रशासनिक परिदृश्यछत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड का आदेश: दल्ली राजहरा जामा मस्जिद मुतवल्ली चुनाव के लिए तीन सदस्य नियुक्त

अहिंसा और करुणा का संदेश लेकर निकली भव्य शोभायात्रा, महावीर जयंती पर उमड़ा उत्साह

बालोद। भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव जिले में पूरे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर जैन समाज द्वारा मंदिरों एवं स्थानक भवनों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और शांतिधारा का आयोजन किया गया। सुबह प्रभात फेरी निकालकर भक्तों ने नगर में धर्म और अहिंसा का संदेश प्रसारित किया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
सुबह से ही जैन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान महावीर के जन्मोत्सव के अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें आकर्षक झांकियां मुख्य आकर्षण रहीं। जैन युवा शक्ति द्वारा “जीव दया” की थीम पर प्रस्तुत झांकी ने लोगों का विशेष ध्यान खींचा। श्रद्धालुओं ने “जीओ और जीने दो” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान भगवान महावीर के उपदेश—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और करुणा—को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी गई। महोत्सव के अंतर्गत स्थानीय महावीर स्कूल परिसर में सात दिवसीय धार्मिक आयोजन भी आयोजित हुए, जिसमें जैन रामायण एवं मोक्ष कल्याणक जैसे नाटकीय प्रस्तुतियों ने लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
शाम को समाज के लोगों द्वारा सामूहिक प्रतिक्रमण किया गया। वहीं जैन युवा शक्ति के सदस्यों ने सात दिनों तक शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर आमजन के लिए शीतल पेय वितरण किया। गौशाला में महाजीव दया कार्यक्रम आयोजित कर सेवा कार्यों को भी प्रमुखता दी गई।
महोत्सव के दौरान स्थानीय प्रशासन द्वारा शोभायात्रा की सुरक्षा एवं व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर जैन समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा एवं बालिका वर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। शोभायात्रा में युवा वर्ग सफेद पोशाक में एवं महिलाएं लाल-केसरिया साड़ी में अनुशासित रूप से शामिल रहीं। पूरे शहर में आकर्षक सजावट की गई, जिससे वातावरण पूर्णतः धर्ममय और उत्सवमय नजर आया।

भगवान महावीर का जन्म कल्याणक हमें शांति, संयम और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है, ताकि समाज में प्रेम, सद्भाव और सह-अस्तित्व की भावना मजबूत हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!