प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भारत अपने मजबूत वैश्विक संबंधों और बढ़ते सामर्थ्य के बल पर इन हालात का मजबूती से सामना कर रहा है। उन्होंने इस विषय पर राजनीति करने से बचने और अफवाहों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि यह 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ज्ञान भारतम सर्वे’ का उल्लेख करते हुए देशवासियों से अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत देशभर से हजारों पांडुलिपियां सामने आई हैं, जो भारत की समृद्ध परंपरा को दर्शाती हैं।

उन्होंने युवाओं की भूमिका को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए ‘MY Bharat’ संगठन की सराहना की। ‘Budget Quest’ में 12 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवा नीति निर्माण और विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए आगे आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने खेल जगत की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। भारत की टी20 विश्व कप जीत पर खुशी जताते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर की रणजी ट्रॉफी जीत को ऐतिहासिक बताया। इसके साथ ही युवा खिलाड़ियों गुलवीर सिंह और अनाहत सिंह की उपलब्धियों की सराहना की।
उन्होंने देशवासियों से फिटनेस पर ध्यान देने की अपील करते हुए शुगर और खाने के तेल के सेवन में कमी लाने का आग्रह किया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रति बढ़ते वैश्विक आकर्षण का भी उल्लेख किया।

शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में बेंगलुरु के ‘Prayog Institute’ के प्रयासों को सराहनीय बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयोग विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाते हैं। वहीं नागालैंड की पारंपरिक ‘मोरूंग’ शिक्षा प्रणाली के आधुनिक स्वरूप को भी प्रेरणादायक बताया।
जल संरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि देशभर में यह एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। त्रिपुरा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सामुदायिक प्रयासों से जल संकट का समाधान संभव हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने मछुआरों और महिलाओं की सफलता की कहानियों का जिक्र करते हुए कहा कि fisheries sector देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने वाराणसी में एक घंटे में ढाई लाख से अधिक पौधे लगाए जाने के रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए जनभागीदारी की सराहना की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को सफल बताया।
साथ ही ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत सोलर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इससे देश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों के साथ संवाद का सशक्त माध्यम है। उन्होंने लोगों से प्रेरक प्रयास साझा करते रहने का आग्रह किया और सभी को स्वस्थ व जागरूक रहने का संदेश दिया।




















