मंडल ने बताया कि 15 और 16 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और कुछ समाचार पत्रों में हिंदी विषय के सेट ‘बी’ के प्रश्नपत्र के लीक होने की खबरें सामने आई थीं। इन दावों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू की गई। जांच प्रक्रिया के तहत साइबर थाने में लिखित सूचना दी गई, वहीं सिटी कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
इस पूरे मामले पर परीक्षा समिति की बैठक 23 मार्च 2026 को आयोजित की गई, जिसमें उपलब्ध तथ्यों और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समिति ने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को सर्वोपरि मानते हुए 14 मार्च को संपन्न हिंदी परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया। साथ ही विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से परीक्षा को पुनः आयोजित करने का फैसला लिया गया।

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों, संभागीय कार्यालयों और विभागीय इकाइयों को इसकी सूचना भेज दी है तथा पुनः परीक्षा के सफल और व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के हजारों परीक्षार्थियों पर पड़ेगा, जिन्हें अब हिंदी विषय की दोबारा तैयारी करनी होगी। हालांकि मंडल ने भरोसा दिलाया है कि आगामी परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर निगरानी के बीच कराई जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा रद्द करने का निर्णय विद्यार्थियों के हित और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में एक जरूरी कदम है। अब सभी की नजरें 10 अप्रैल को होने वाली पुनः परीक्षा और जांच के नतीजों पर टिकी हैं।




















