बालोद। जिले में संचालित मवेशी बाजारों को बंद करने की मांग को लेकर सोमवार को गौ भक्तों, गौसेवकों और गोरक्षक दल के पदाधिकारियों ने जनदर्शन में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान गौधाम समिति के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा से मुलाकात कर अपनी मांगों पर विस्तार से चर्चा भी की।
सौंपे गए ज्ञापन में गौ सेवकों ने आरोप लगाया कि जिले के करहीभदर और खेरथा में लगने वाले पशु बाजार गौ तस्करी का केंद्र बिंदु बन चुके हैं। उनका कहना है कि कृषक पशु व्यापार की आड़ में यहां से अवैध तरीके से गौ तस्करी को अंजाम दिया जाता है। इस स्थिति को देखते हुए दोनों बाजारों को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की गई है।
इसके अलावा गौ सेवकों ने पशुधन विकास विभाग और कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी पशु व्यवसाय पंजीयन को भी अवैधानिक बताते हुए इसे निरस्त करने की पुरजोर मांग रखी। इस विषय पर चर्चा करते हुए गौ भक्त डॉ. पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने कलेक्टर को बताया कि बालोद जिले को छोड़कर अन्य किसी जिले या प्रदेश में इस प्रकार का पंजीयन कार्ड जारी नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस कार्ड का नवीनीकरण होता आ रहा है, जबकि इसके नियमों और वैधानिकता को लेकर गंभीर सवाल हैं। गौ रक्षकों ने प्रशासन को यह भी अवगत कराया कि इसी पंजीयन कार्ड का उपयोग कर कोचिए और कथित तस्कर स्वयं को अधिकृत पशु व्यवसायी बताकर दबाव बनाते हैं, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। इसलिए इस पंजीयन प्रणाली को तत्काल समाप्त करने की मांग दोहराई गई।
गौरतलब है कि गौ सेवक समय-समय पर गौ तस्करी के मामलों को पकड़वाने, घायल गौवंश की सेवा करने और प्रशासन को सहयोग देने जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत करने के दौरान रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, जिला गौधाम समिति अध्यक्ष योगेश्वर यादव, समिति सदस्य एवं गौ रक्षक डॉ. पुरुषोत्तम सिंह राजपूत, विवेक पाटीदार, धर्मेंद्र आहूजा, अजय यादव सहित अन्य गौ सेवक मौजूद रहे।




















