वहीं एपीएल सामान्य वर्ग के 8,226 सदस्यों का ई-केवाईसी नहीं होने के कारण उनके राशन कार्ड फरवरी और मार्च से ब्लॉक कर दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी पूर्ण कराने के बाद ही इन हितग्राहियों को राशन मिल सकेगा।
इस बीच सॉफ्टवेयर अपडेट के चलते 21 से 25 मार्च तक जिले में खाद्यान्न सामग्री का वितरण बंद रहेगा। विभाग ने हितग्राहियों से अपील की है कि वितरण पुनः शुरू होने से पहले अपना ई-केवाईसी अवश्य पूरा करा लें।

जिले में 91 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी पूरा
जानकारी के मुताबिक जिले में करीब 2 लाख 42 हजार 232 राशन कार्डधारी उपभोक्ता हैं, जिनमें सदस्यों की संख्या 8 लाख 18 हजार से अधिक है। इनमें से 91.08 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है।
विभाग ने बताया कि 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का ई-केवाईसी आवश्यक नहीं है और उन्हें 5 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही प्रक्रिया से गुजरना होगा। वहीं जिन हितग्राहियों का फिंगरप्रिंट मिलान नहीं हो पा रहा है, वे मोबाइल एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरे के प्रिंट) के जरिए भी ई-केवाईसी करा सकते हैं, जिसे विभाग द्वारा मान्य किया जा रहा है।
विभिन्न श्रेणियों में राशन कार्डधारियों की स्थिति
जिले में अन्त्योदय के 31,427 उपभोक्ता हैं, जिनमें 26,908 ग्रामीण और 4,519 शहरी क्षेत्र के हैं।
इसी तरह बीपीएल राशनकार्डधारियों की संख्या 1 लाख 80 हजार 755 है, जिसमें 1,64,463 ग्रामीण और 16,292 शहरी उपभोक्ता शामिल हैं।
इसके अलावा 589 निराश्रित और 1,201 निशक्तजन राशन कार्डधारी भी पंजीकृत हैं।
वहीं एपीएल राशनकार्डधारियों की संख्या 28,260 है, जिनमें 20,473 ग्रामीण और 7,787 शहरी क्षेत्र के उपभोक्ता शामिल हैं।
अप्रैल में तीन माह का चावल देने की तैयारी
राज्य सरकार ने अप्रैल माह में अन्त्योदय और बीपीएल परिवारों को अप्रैल, मई और जून — तीन माह का चावल एक साथ देने का निर्णय लिया है। हालांकि जिले की राशन दुकानों में सीमित भंडारण क्षमता को देखते हुए स्थिति अनुसार एक या दो माह का चावल ही एकमुश्त वितरित किया जाएगा।
जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि एपीएल कार्डधारियों को चावल प्रति माह दिया जाएगा, जबकि अन्त्योदय और बीपीएल परिवारों को शक्कर एवं अन्य आवश्यक सामग्री भी मासिक आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।




















