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बालोद भाजपा प्रशिक्षण शिविर में हंगामा, मंडल अध्यक्ष द्वारा रेत खनन विवाद पर ग्रामीणों ने जिलाध्यक्ष से की शिकायत

 

बालोद। जिले में भाजपा द्वारा कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत और संगठनात्मक रूप से परिपक्व बनाने के उद्देश्य से हर मंडल स्तर पर प्रशिक्षण महाअभियान चलाया जा रहा है। जिला स्तर पर प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की टीम अब मंडलों में पहुंचकर संगठन की रीति-नीति, अनुशासन और कार्यशैली पर प्रशिक्षण दे रही है।

इसी अभियान के तहत शनिवार को कुसुमकसा मंडल अंतर्गत चिखलाकसा में प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया था। लेकिन सत्र समाप्त होने के बाद प्रशिक्षण केंद्र के बाहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब डौंडी ब्लॉक के बेलोदा गांव से पहुंचे 20 से अधिक ग्रामीण, जिनमें कुछ भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल थे, हंगामा करते हुए कुसुमकसा भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा के खिलाफ शिकायत लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष के पास पहुंचे।
ग्रामीणों के अनुसार करीब डेढ़ साल पहले बेलोदा से गुजरने वाली नदी में रेत खनन का कार्य मंडल अध्यक्ष और भिलाई के एक रेत कारोबारी की सहभागिता से किया गया था। उस दौरान खनन से होने वाली आय का एक हिस्सा ग्राम समिति को देने पर सहमति बनी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन कार्य बंद हुए काफी समय बीत जाने के बावजूद यह राशि अब तक समिति को नहीं दी गई, जिससे गांव में नाराजगी बढ़ती गई। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर स्थल पर पहुंचे और जिलाध्यक्ष से हस्तक्षेप कर करीब 1 लाख 75 हजार रुपये की राशि दिलाने की मांग की।

 

इस दौरान ग्रामीणों और भाजपा जिलाध्यक्ष के बीच कुछ देर तक बहस की स्थिति भी बनी। जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह पुराना मामला है और जिस समय खनन से जुड़ा निर्णय लिया गया, उसमें उनकी सहमति या अनुमति शामिल नहीं थी। उन्होंने इसे गांव और मंडल अध्यक्ष के बीच का विषय बताते हुए दोनों पक्षों से आपसी संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की।


हालांकि जिलाध्यक्ष की समझाइश के बावजूद स्थिति तुरंत शांत नहीं हुई। नाराज ग्रामीणों और कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप अपना पार्टी गमछा उतारकर जिलाध्यक्ष के सामने रख दिया और चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से भाजपा से इस्तीफा देने पर विचार करेंगे।

 

घटनाक्रम के बाद मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा ने भी ग्रामीणों से चर्चा कर विवाद सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन तत्काल कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। वहीं जानकारी मिल रही है कि रविवार को इसी प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाजपा नेता संध्या परगनिहा और यज्ञदत्त शर्मा समेत कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय कार्यकर्ता अपनी मांगों और शिकायतों को संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने रखने की तैयारी में हैं।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और क्या ग्रामीणों की नाराजगी दूर हो पाएगी या यह मामला आगे और राजनीतिक रूप ले सकता है।

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