
इसी क्रम में बालोद जिले के 1 लाख 48 हजार 293 किसानों के खातों में कुल 511 करोड़ 11 लाख 6 हजार रुपये की अंतर राशि एकमुश्त जमा की गई। होली से पहले खातों में राशि पहुंचने से जिले के किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला। किसानों ने इसे मेहनत का सम्मान बताते हुए सरकार के प्रति आभार जताया।
जिले के पांचों विकासखंड—गुण्डरदेही, गुरूर, डौण्डी, डौण्डीलोहारा और बालोद—में कृषि उपज मंडियों व प्राथमिक सेवा सहकारी समितियों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति रही। किसानों को आदान सहायता प्रमाण पत्र वितरित किए गए, साथ ही उन्नत उड़द बीज और मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड भी प्रदान किए गए।

विकासखंडवार देखें तो गुण्डरदेही के 45,688 किसानों को 169.04 करोड़ रुपये, गुरूर के 27,381 किसानों को 92.19 करोड़ रुपये, डौण्डी के 15,900 किसानों को 49.31 करोड़ रुपये, डौण्डीलोहारा के 39,596 किसानों को 137.74 करोड़ रुपये और बालोद विकासखंड के 19,728 किसानों को 62.80 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।

भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा कि सरकार ने किसानों से किया वादा निभाया है और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ अंतर राशि का भुगतान कर अन्नदाता को सम्मान दिया है। राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने इसे किसान हित में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि त्योहार से पहले आर्थिक संबल मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की दर देश में सर्वाधिक है और भुगतान व्यवस्था भी पारदर्शी है। जिला भाजपा महामंत्री राकेश यादव और सौरभ लूनिया ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और कृषक उन्नति योजना इसका प्रमाण है। डौण्डीलोहारा जनपद उपाध्यक्ष जयलाल मालेकर ने कहा कि होली से पहले खातों में राशि पहुंचना किसानों के लिए बड़ी राहत है और इससे त्योहार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं।

कार्यक्रम में शामिल किसानों ने भी खुशी जाहिर की। ग्राम डोकला के किसान टाकेश्वर के खाते में 52,869 रुपये और सुरेश कुमार के खाते में 1.51 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा हुई। दोनों किसानों ने कहा कि समय पर भुगतान से खेती-किसानी की तैयारी में मदद मिलेगी और त्योहार भी आनंदपूर्वक मना सकेंगे।
कृषक उन्नति योजना के तहत समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले पंजीकृत किसानों को अंतर राशि का यह भुगतान राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों को मजबूत आधार देता है। होली से पहले मिली इस आर्थिक सौगात ने जिले के किसानों के चेहरों पर संतोष और भरोसे की मुस्कान ला दी है।




















