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प्रदेशरुचि एक्सक्लूसिव | अजमेर से आज पीएम मोदी शुरू करेंगे देशव्यापी HPV टीकाकरण अभियान… 14 साल की बेटियों के लिए सुरक्षा कवच, लेकिन क्या है HPV वैक्सीन और क्यों है यह इतना जरूरी?

अजमेर/नई दिल्ली। देश में महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हो रही है। प्रधानमंत्री आज सुबह 11:30 बजे राजस्थान के अजमेर से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह अभियान सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और “स्वस्थ नारी” के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

इस कार्यक्रम के तहत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हर साल लगभग 1.15 करोड़ 14 वर्षीय किशोरियों को टीकाकरण के दायरे में लाया जाएगा। वैक्सीन निर्धारित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध रहेगी। टीकाकरण आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला और जिला अस्पतालों के साथ-साथ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा। प्रत्येक सत्र की निगरानी प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारी करेंगे तथा सभी केंद्रों पर कोल्ड-चेन व्यवस्था और 24×7 स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी दुर्लभ प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

अभियान तीन माह तक मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। इस अवधि में पात्र किशोरियां निर्धारित केंद्रों पर प्रतिदिन टीका लगवा सकेंगी। इसके बाद यह वैक्सीन नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत भी उपलब्ध रहेगी। टीकाकरण पूरी तरह ऐच्छिक होगा और वैक्सीन लगाने से पहले माता-पिता या अभिभावकों की लिखित सहमति ली जाएगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। GLOBOCAN 2022 के आंकड़े बताते हैं कि देश में हर वर्ष 1.20 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं और लगभग 80 हजार महिलाओं की मौत होती है। वैज्ञानिक प्रमाण दर्शाते हैं कि अधिकांश मामलों के पीछे HPV के उच्च जोखिम वाले टाइप, विशेष रूप से 16 और 18, जिम्मेदार होते हैं। समय पर टीकाकरण और शुरुआती जांच के माध्यम से इस कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है।
राष्ट्रीय कार्यक्रम में क्वाड्रिवेलेंट HPV वैक्सीन “गार्डासिल” का उपयोग किया जाएगा, जो HPV टाइप 16 और 18 के साथ-साथ टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा प्रदान करती है। वर्ष 2006 से अब तक विश्वभर में इस वैक्सीन की 50 करोड़ से अधिक डोज़ दी जा चुकी हैं और उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों में इसे 93 से 100 प्रतिशत तक प्रभावी पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों के अनुरूप सिंगल-डोज़ शेड्यूल अपनाया गया है, जिसे राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी परामर्श समूह का समर्थन प्राप्त है।
इस पहल के साथ भारत उन 160 से अधिक देशों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में HPV वैक्सीनेशन को शामिल किया है। केंद्र सरकार ने वैक्सीन की निर्बाध आपूर्ति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और पारदर्शी खरीद व्यवस्था अपनाई है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पर्याप्त मात्रा में डोज़ उपलब्ध कराई जा चुकी हैं तथा स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 वर्ष की बेटियों को HPV वैक्सीन अवश्य लगवाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टीकाकरण भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का प्रभावी और सुरक्षित माध्यम है तथा देश की बेटियों के लिए कैंसर-मुक्त भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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