बैठक में नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, उपाध्यक्ष कमलेश सोनी, व्यापारी संघ अध्यक्ष हरीश सांखला सहित जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा चिन्हित अतिक्रमणकारियों समेत सभी अवैध कब्जाधारियों को मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाएगा।
प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिनों की समय-सीमा तय की है। निर्धारित अवधि में स्वयं कब्जा नहीं हटाने की स्थिति में नियमानुसार बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी।
यातायात व्यवस्था पर भी फोकस
बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया। नए बस स्टैंड परिसर में लंबे समय से खड़ी या अनुपयोगी बसों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही बस स्टैंड परिसर में ट्रकों के खड़े होने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया, ताकि आम नागरिकों और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
एसडीएम नूतन कंवर ने स्पष्ट कहा कि “बालोद नगर को अतिक्रमण मुक्त और सुंदर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें सभी नागरिकों और व्यापारियों की भागीदारी आवश्यक है।”

ये रहे उपस्थित अधिकारी व जनप्रतिनिधि
बैठक में अनुविभागीय अधिकारी (राष्ट्रीय राजमार्ग) अनिल छारी, तहसीलदार आशुतोष शर्मा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोबिन अली, यातायात प्रभारी रविशंकर पांडेय, उप निरीक्षक कमला यादव, झलमला सरपंच चुम्मन ठाकुर, ग्राम सिवनी के सरपंच बहुर सिंह नेताम, पार्षद आशा पटेल, विनोद शर्मा, राजस्व निरीक्षक दयालु सागर, संध्या वर्मा, पटवारी आशीष शर्मा, टुमन बघेल, बबीता मंडावी एवं पंचायत सचिव संतोषी सोनकर सहित अन्य नागरिक मौजूद रहे।
प्रशासन के इस निर्णय से जहां शहर की सड़कों को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की उम्मीद जगी है, वहीं आने वाले दिनों में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तस्वीर भी साफ नजर आ रही है।




















