जिला शिक्षा विभाग के मुताबिक इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए 6 हजार 600 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से पहले दिन 6 हजार 552 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 48 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले विद्यार्थियों की सघन जांच की गई और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया गया।

प्रथम दिवस जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। सरस्वती शिशु मंदिर, बालोद में जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बिना भय और तनाव के परीक्षा देने के लिए प्रेरित करते हुए इसे उत्सव की तरह लेने का संदेश दिया। इस पहल से विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल देखा गया।
उड़नदस्ता दल ने सेजेस कन्नेवाड़ा, सेजेस झलमला, शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जं/सांकरा और शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बघमरा सहित अन्य केंद्रों का निरीक्षण किया। सभी केंद्रों में परीक्षा व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। किसी भी केंद्र में अनियमितता या नकल की शिकायत नहीं मिली।

विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार बालोद ब्लॉक में 16 केंद्रों पर 1,161 पंजीकृत विद्यार्थियों में से 1,153 उपस्थित रहे और 8 अनुपस्थित रहे। गुरुर ब्लॉक के 19 केंद्रों में 1,160 में से 1,150 विद्यार्थी उपस्थित रहे। डौंडी लोहारा ब्लॉक के 29 केंद्रों में 1,644 में से 1,631 विद्यार्थी शामिल हुए। गुंडरदेही ब्लॉक के 26 केंद्रों में 1,593 में से 1,584 विद्यार्थी उपस्थित रहे, जबकि डौंडी ब्लॉक के 21 केंद्रों में 1,042 में से 1,034 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों में पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। अब विद्यार्थी आगामी विषयों की तैयारी में जुट गए हैं, वहीं प्रशासन ने आगे भी सख्ती और पारदर्शिता बनाए रखने की बात कही है।




















