
कार्यक्रम का शुभारंभ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन तोमन साहू के मुख्य आतिथ्य तथा प्रदेश साहू संघ के पूर्व अध्यक्ष टहल साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। विशेष अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत ओरमा की सरपंच मंजूलता परस साहू, मेढ़की सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष गुणवंत लाल श्रीवास्तव, जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष संतोष साहू, पत्रकार रवि भूतड़ा, धनराज गजपाल, होरीलाल गजपाल, बालक साहू, मनोहर साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना से हुआ शुभारंभ
अतिथियों ने भगवान श्रीराम एवं हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। पूरे आयोजन स्थल पर रामभक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला। एक दिवसीय इस आयोजन में बालोद सहित आसपास के जिलों की ख्यातिप्राप्त मानस मंडलियों को आमंत्रित किया गया है, जो रामचरितमानस की चौपाइयों और भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर रहे हैं।
राम के आदर्शों से समाज को दिशा
मुख्य अतिथि तोमन साहू ने अपने उद्बोधन में भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक परंपराओं को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए सरपंच मंजूलता परस साहू और ग्रामवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

अध्यक्षता कर रहे टहल साहू ने कहा कि ग्राम मेढ़की को अयोध्या नगरी की तरह सजाया गया है। उन्होंने कहा कि मेढ़की में वर्षों से रामायण मंडली और रामायण आयोजन की परंपरा रही है। आज परिवारों में संस्कारों की कमी महसूस की जा रही है, ऐसे में धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने मेढ़की को आसपास के गांवों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
भव्य रामायण मेला फिर हुआ शुरू
धनराज साहू ने अपने संबोधन में कहा कि सरपंच ने अपने चुनावी संकल्प को पूरा करते हुए भव्य रामायण महोत्सव का आयोजन किया है। उन्होंने बताया कि ग्राम मेढ़की में पूर्व में भव्य रामायण मेला आयोजित होता था, जो कुछ कारणों से बंद हो गया था, लेकिन अब पुनः इसकी शुरुआत होना गांव के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में भजन और धर्म का विशेष महत्व है तथा अपनी आय का कुछ अंश धर्म कार्यों में लगाना चाहिए। “परमात्मा को देखने की नहीं, महसूस करने की आवश्यकता है,” उन्होंने कहा।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे। पूरे दिन गांव में भक्ति संगीत और मानसगान की गूंज सुनाई देती रही, जिससे मेढ़की एक बार फिर राममय हो उठा।




















