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बालोद में प्रदूषण पर बवाल: राइस मिल के काले धुएं से त्रस्त वार्डवासी, बंद कराने की मांग ज्ञापन के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

बालोद।जिला मुख्यालय के हृदय स्थल वार्ड क्रमांक 12 और 13 में संचालित गंगोत्री राइस मिल से निकलने वाले काले धुएं, राखड़ और धूल से स्थानीय नागरिकों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लगातार बढ़ते प्रदूषण से परेशान वार्डवासियों ने मंगलवार को कांग्रेस पार्षदों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मिल को बंद कराने की मांग की। नागरिकों का आरोप है कि वर्षों से चल रही इस समस्या पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
वार्डवासियों के अनुसार, शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र और बस स्टैंड के समीप संचालित यह मिल दिन-रात काला धुआं उगल रही है। धुएं और भूसे के महीन कण घरों में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे लोगों को सांस संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आमापारा, गंजपारा, बस स्टैंड, दल्ली चौक सहित आसपास के मोहल्लों के रहवासी विशेष रूप से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

घरों की छतों पर जम रही काली परत

स्थानीय लोगों का कहना है कि मिल से निकलने वाला धुआं इतना गाढ़ा है कि घरों की छतों पर काली परत जम रही है। छत पर कपड़े सुखाना या खाने-पीने का सामान रखना मुश्किल हो गया है। महिलाओं और बच्चों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का दावा है कि छत पर पैर रखने से काली राख के निशान साफ दिखाई देते हैं, जिससे प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।


पहले भी की जा चुकी है शिकायत

वार्डवासियों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में कलेक्टर जनदर्शन सहित संबंधित विभागों को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

“बंद नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन”
नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष कशीमुद्दीन कुरैशी ने कहा कि घनी आबादी के बीच संचालित राइस मिल से आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुले स्थान पर स्थापित किए जाने योग्य मिलों को बस्ती के बीच संचालित किया जा रहा है, जिससे लोगों को वर्षों से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है तो वार्डवासी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।


प्रशासन पर मेहरबानी का आरोप
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शहर में संचालित राइस मिलों के खिलाफ अधिकारी अब तक कार्रवाई करने में उदासीन रहे हैं। मिल से निकलने वाले प्रदूषित पानी और जहरीले धुएं के बावजूद किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। ज्ञापन सौंपते समय वार्ड 3 के पार्षद किरण चंद्रहास साहू, वार्ड 7 के पार्षद सुनील मालेकर, वार्ड 8 की पार्षद रीता सोनी सहित शेख मतीन, अश्वनी गौतम, मनीष राजपूत, लक्ष्मीनारायण, फरहान अंसारी एवं अन्य वार्डवासी उपस्थित थे।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या पर क्या रुख अपनाता है और प्रभावित नागरिकों को राहत कब तक मिल पाती है।

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