बालोद। ग्राम पंचायत सिवनी में मुक्तिधाम परिसर के वृक्षों की कथित अवैध कटाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सरपंच बहुर सिंह नेताम पर बिना सक्षम अनुमति के गीला झाड़ कहुआ (अर्जुन), सागौन समेत अन्य लकड़ियों की कटाई कर उन्हें नीलाम कर बेचने का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर पंचों और ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 के तहत सरपंच को पदमुक्त करने तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में वार्ड क्रमांक 16 के पंच मुरलीधर सिन्हा (पिता लोचन राम सिन्हा), निवासी ग्राम देऊरतराई, ग्राम पंचायत सिवनी ने बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत सिवनी से जानकारी प्राप्त की। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार ग्राम सिवनी, पहन क्रमांक 21, तहसील बालोद स्थित मुक्तिधाम परिसर में खड़े गीला झाड़ कहुआ (अर्जुन) एवं सागौन सहित अन्य वृक्षों की कटाई की गई है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उक्त कटाई सरपंच द्वारा उच्च अधिकारी और संबंधित विभाग से विधिवत अनुमति लिए बिना करवाई गई तथा लकड़ियों को नीलाम कर बेच दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह शासन के नियमों का खुला उल्लंघन है। ऐसे में संबंधित प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि मुक्तिधाम जैसे सार्वजनिक स्थल पर खड़े वृक्ष सामुदायिक संपत्ति हैं, जिनकी सुरक्षा और संरक्षण पंचायत की जिम्मेदारी है। बिना अनुमति कटाई न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर विषय है, बल्कि पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्राम विकास समिति सिवनी के अध्यक्ष भीगलाल पटेल, सदस्य निरंजन साहू, हरदेव सिन्हा, दानेश्वर सिन्हा, बुधराम उइके, दशरथ साहू, तीजूराम, जीवन भास्कर, संतराम, भीम पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में पारदर्शी जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को किस गंभीरता से लेता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं। ग्रामीणों की नजरें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।




















