जलेश्वर महादेव में विशेष पूजा-अर्चना
जिला मुख्यालय के गजपारा स्थित दसोदी तालाब परिसर में अवस्थित जलेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति द्वारा पूरे परिसर को भगवा तोरण-पताकाओं से सजाया गया है। विशाल शिवलिंग को गेंदे के फूलों से अलंकृत किया जा रहा है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान जलेश्वर महादेव का दूध, दही, पंचामृत और शहद से अभिषेक किया जाएगा। दूर-दराज क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु यहां दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

पशुपतिनाथ शिवलिंग का होगा पहला विशेष अभिषेक
बालोद जिले के प्रसिद्ध गंगा मइया मंदिर में स्थापित जिले के पहले गंगाधारी भगवान पशुपतिनाथ शिवलिंग का महाशिवरात्रि पर पहला विशेष अभिषेक किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट द्वारा विशेष पूजा-अर्चना, महारुद्राभिषेक एवं महाआरती का आयोजन रखा गया है।
सुबह 10 बजे से पूजा-पाठ प्रारंभ होकर 11 बजे तक अभिषेक संपन्न किया जाएगा। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को दिनभर खीर-पूड़ी का प्रसाद वितरण किया जाएगा। भक्तों के लिए जलाभिषेक और कैलाश गुफा दर्शन की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
रामधुनी से गूंजेगा भक्ति रस
महाशिवरात्रि के अवसर पर दोपहर 2 से 4 बजे तक रामधुनी कार्यक्रम आयोजित होगा। गरियाबंद जिले के भैंसतरा से आई जय मां नव ज्योति महिला रामधुनी मंडली अपनी प्रस्तुति देगी। मुख्य गायिका महेश्वरी साहू भक्ति गीतों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर करेंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष आयोजन
जिले के ग्राम चौरेल स्थित प्राचीन शिव मंदिर, कमरौद स्थित भू-फोड़ हनुमान मंदिर, बोड़की के प्राचीन शिव-हनुमान मंदिर तथा ग्राम भोथली के बूढ़ादेव मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। मंदिर समितियों ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा, नारियल और अगरबत्ती अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करेंगे।

कपिलेश्वर महोत्सव में विविध कार्यक्रम
नगर के ऐतिहासिक कपिलेश्वर मंदिर समूह में कपिलेश्वर महोत्सव समिति द्वारा विविध धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। भगवान कपिलेश्वर महादेव की विशेष पूजा के साथ कांवड़िए रामघाट से जल लाकर जलाभिषेक करेंगे। मंदिर प्रांगण में दिनभर धार्मिक गतिविधियों का आयोजन रहेगा।
महाशिवरात्रि को लेकर पूरे बालोद जिले में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण है। शिवभक्ति में लीन श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ इस महापर्व को उल्लासपूर्वक मनाने को तैयार हैं।




















