क्या है पूरा मामला?
10 फरवरी 2026 को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) की समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया कि दल्लीराजहरा में राजस्व वसूली का लक्ष्य 60 प्रतिशत औसत वसूली का था, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी।
समीक्षा में यह भी पाया गया कि संपत्तियों के नए कर निर्धारण (मांग) का कार्य समय पर नहीं किया गया। साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम में कार्य प्रारंभ से 13 जनवरी 2026 तक मात्र एक प्रविष्टि दर्ज की गई, जिसे कर्तव्य के प्रति गंभीर उदासीनता माना गया।
विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत गंभीर कदाचार मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की है।

निलंबन अवधि में यह रहेगा मुख्यालय
आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में भूपेंद्र वाडेकर का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

कलेक्टर का आदेश: तहसीलदार को मिला अतिरिक्त दायित्व
विभागीय आदेश के परिपालन में कलेक्टर बालोद द्वारा 13 फरवरी 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया कि दल्लीराजहरा नगर पालिका परिषद का संपूर्ण प्रभार तहसीलदार डौंडी देवेंद्र नेताम को आगामी आदेश तक सौंपा जाता है।
इस निर्णय के बाद अब नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा का प्रशासनिक दायित्व तहसीलदार स्तर से संचालित होगा।
प्रशासनिक सख्ती का संकेत
राजस्व वसूली जैसे संवेदनशील विषय पर की गई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन लक्ष्य पूर्ति एवं जवाबदेही को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
अब देखना होगा कि नए प्रभार के साथ दल्लीराजहरा नगर पालिका परिषद में राजस्व संग्रहण और प्रशासनिक व्यवस्था कितनी गति पकड़ती है।




















