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प्रकृति और रोमांच का उत्सव बना सियादेवी इको टूरिज्म फेस्ट, पर्यटकों और ग्रामीणों में दिखा उत्साह

बालोद,।गुरूर विकासखंड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय इन दिनों पर्यटन और रोमांच का नया केन्द्र बनकर उभर रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरी वादियों के बीच तीन दिवसीय सियादेवी इको टूरिज्म फेस्ट का शुभारंभ हुआ, जिसने पहले ही दिन पर्यटकों और स्थानीय ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बना दिया। जिला प्रशासन द्वारा 13 से 15 फरवरी तक आयोजित यह आयोजन क्षेत्र को इको-टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, राज्य एथलेटिक संघ के उपाध्यक्ष सौरभ लुनिया, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, वनमंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, अजय किशोर लकरा, एडीशनल एसपी मोनिका ठाकुर और अन्य अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी आयोजन को विशेष बनाती रही।


शुभारंभ के बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बैंबू राफ्टिंग में सवार होकर सियादेवी जलाशय का भ्रमण किया और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने तीरंदाजी, एयर गन सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों में भाग लेकर आयोजन का उत्साह बढ़ाया। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने स्कूली बच्चों के साथ म्यूजिकल बॉल खेलकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया, जो कार्यक्रम का आकर्षक और भावनात्मक पल रहा।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक संगीता सिन्हा ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इको एडवेंचर फेस्ट की सराहना करते हुए कहा कि सियादेवी जलाशय शासन-प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से एक खूबसूरत पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने पर्यटन को और गति देने तथा स्थानीय लोगों को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने के लिए परिसर में कॉम्प्लेक्स निर्माण की आवश्यकता भी बताई।


राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रशासन के मार्गदर्शन में सियादेवी जलाशय को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने इस क्षेत्र से जुड़ी पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि पूर्व में भी इस स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रयास हुए थे और अब यह सपना वास्तविकता का रूप लेता दिख रहा है।


फेस्ट के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं और स्थानीय कलाकारों ने गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से आयोजन को जीवंत बना दिया। वहीं स्थानीय व्यंजनों और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए स्टॉल पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बने रहे, जहां ठेठरी, खुरमी सहित कई पारंपरिक खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।


इसके साथ ही वॉल क्लाइम्बिंग, टायर क्लाइम्बिंग, मोटर बाइक राइड, फ्लोटिंग बैलून और हॉट एयर बैलून जैसी रोमांचक गतिविधियों ने आयोजन को एडवेंचर पर्यटन का नया स्वरूप दिया।
सियादेवी इको टूरिज्म फेस्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बालोद जिले की प्राकृतिक संपदा अब पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों का द्वार खोल रही है। आने वाले समय में यह क्षेत्र न केवल पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका का मजबूत आधार भी तैयार करेगा।

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