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बालोद में दिव्य गौ कथा, पंचगव्य चिकित्सा सम्मेलन और मातृ-पितृ पूजन का भव्य आयोजन, सनातन संस्कृति और गौ सेवा का संदेश

बालोद। जिले के तीर्थ स्थल मां गंगा मैया पावन धाम में 12 एवं 13 फरवरी 2026 को दो दिवसीय दिव्य गौ कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में गो कथा वाचक पूज्यपाद स्वामी गोपालानंद जी के कृपापात्र शिष्य स्वामी भरत जी महाराज (पथमेड़ा, राजस्थान) कथा वाचन करेंगे। कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक दो सत्रों में आयोजित होगा। कार्यक्रम का संगीत संयोजन गुरु कृपा बल संस्कार मानस परिवार संस्कार परिसर बालोद द्वारा किया जाएगा।
                        स्वामी भरत जी महाराज

आयोजकों के अनुसार क्षेत्र में गौ कथा का यह पहला आयोजन होगा, जिसमें सनातन धर्मावलंबियों, गोभक्तों, गौ रक्षकों, पंचगव्य चिकित्सकों और श्रद्धालुजनों की व्यापक सहभागिता रहेगी। इस दौरान गौ सम्मान आह्वान अभियान को लेकर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।

समापन समारोह में होगा सम्मान कार्यक्रम
गौ कथा के समापन अवसर पर गौ सेवा, गौ आधारित कृषि और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं, गोपालकों और गौ भक्तों का सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुबोध राठी (गौ विज्ञान परीक्षा प्रांत प्रमुख) शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तोमन साहू (उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद, राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) करेंगे।विशेष अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, नगर पालिका उपाध्यक्ष कमलेश सोनी, योग शिक्षक एवं समाजसेवी रवि पांडे तथा झलमला की सरपंच चुम्मन ठाकुर सहित अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।

                     डॉ निरंजन वर्मा गुरूजी

पंचगव्य चिकित्सा सम्मेलन का राज्य स्तरीय आयोजन

कार्यक्रम के द्वितीय चरण में 14 एवं 15 फरवरी 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंजपारा बालोद में छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय विशाल पंचगव्य चिकित्सा सम्मेलन एवं मातृ-पितृ पूजन दिवस आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन की शुरुआत सुबह 5:30 बजे पंचमहाभूत पूजा से होगी। इसके पश्चात सुबह 7:30 बजे तक कांचीपुरम स्थित पंचगव्य विद्यापीठ गुरुकुलम के पीठाधीश डॉ. निरंजन वर्मा द्वारा गो विज्ञान पर आध्यात्मिक सत्र आयोजित किया जाएगा। सुबह 10 बजे से डॉ. वर्मा पंचगव्य चिकित्सा विज्ञान और गौ माता से निरोगी भारत विषय पर मार्गदर्शन देंगे।

दोपहर 12:30 बजे से अतिथि सत्कार एवं सम्मान समारोह का आयोजन होगा, जिसमें गौ सेवा, पंचगव्य चिकित्सा, जैविक कृषि, गोपालन और सनातन धर्म जागरण से जुड़े कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा।

मातृ-पितृ पूजन से युवाओं को मिलेगा सांस्कृतिक संदेश
सम्मेलन के अंतर्गत 15 फरवरी को दोपहर 3 बजे मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें बच्चे अपने माता-पिता और गुरुजनों का पूजन करेंगे। आयोजन का संचालन योग वेदांत सेवा समिति बालोद के मातृ-पितृ पूजन प्रभारी भोलाराम साहू द्वारा किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के मूल्यों को मजबूत करने और युवाओं को पारिवारिक संस्कारों से जोड़ने का संदेश देगा।

सनातन संस्कृति और गौ संरक्षण का संदेश

आयोजन के स्वप्नद्रष्टा एवं समाजसेवी डॉ. पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा, गौ माता की महिमा और मानव जीवन में गौ आधारित परंपराओं की उपयोगिता को समाज के समक्ष स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गौ संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के संरक्षण को लेकर समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है।

इन संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका
इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ प्रांत पंचगव्य डॉक्टर एसोसिएशन, योग वेदांत सेवा समिति बालोद, पंचगव्य चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, गो तीर्थ मंगचुआ (हितेकसा) गुरुर तथा आंजनेय नंदन सर्व सिद्ध हनुमान मंदिर सेवा समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

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