कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी अपनाने और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य हिंदू संगठनों द्वारा ऐसे आयोजनों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सम्मेलन में हिंदू जागरण और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा करते हुए समाज के सभी वर्गों से राष्ट्रहित और सामाजिक एकता में सहयोग की अपील की गई।

सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाहक संतोष साहू मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। भागवत कथा के परायणकर्ता पंडित अश्वनी तिवारी और द्विवेदी महाराज ने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनपद सदस्य डॉ. हरदेल, रामकुमार खरे (आदिवासी समाज), प्रकाश भारद्वाज (सेन समाज), बोधन यादव (यादव समाज), कार्तिक साहू (साहू समाज), इंजू निर्मलकर (निर्मलकर समाज), चोवा राम सिंघारे (महार समाज), कीर्तन साहू (ग्राम सचिव) और थामेश्वर तारण सहित कई सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में गोपी साहू, राजेंद्र खरे, बीरबल डॉ., दुर्गेश निर्मलकर, हरीश भारद्वाज, नोबल, ऐशु साहू, अनुराग, बीरेंद्र साहू, वंश केराम, महेंद्र साहरे सहित ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों और महिला कमांडो टीम की अहम भूमिका रही। आयोजन के दौरान गांव की बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन अभाविप प्रांत सहमंत्री मनीषा राणा ने किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश प्रसारित




















