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ओरमा में दो दिवसीय मानसगान सम्मेलन व लोककला महोत्सव में शामिल हुए यज्ञदत्त शर्मा, बोले — ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को करते हैं मजबूत

बालोद। जिले के ग्राम ओरमा में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने की दिशा में रविवार को दो दिवसीय मानसगान सम्मेलन एवं लोककला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से किया गया, जिसमें क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संस्कृति प्रेमी शामिल हुए।


सम्मेलन का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा के मुख्य आतिथ्य तथा ग्राम पंचायत ओरमा की सरपंच मंजूलता परस साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में मायाराम पंत, पूरण लाल माली, उत्तम हिरवानी, छगन लाल यादव, अनूप साहू, प्यारेलाल केसरिया, धन्नूलाल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अतिथियों ने भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना कर सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर पूरा वातावरण रामभक्ति और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर नजर आया। दो दिवसीय इस आयोजन में बालोद जिले सहित आसपास के जिलों की ख्याति प्राप्त मानस मंडलियों को आमंत्रित किया गया है, जो रामचरितमानस की चौपाइयों और भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगे।


मुख्य अतिथि यज्ञदत्त शर्मा ने अपने उद्बोधन में भगवान श्रीराम के आदर्शों और उनके जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ग्राम ओरमा के ग्रामीणों एवं सरपंच मंजूलता परस साहू को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
सम्मेलन के आयोजन से ग्राम ओरमा में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। आयोजन समिति ने बताया कि मानसगान के साथ लोककला प्रस्तुतियों के माध्यम से क्षेत्रीय संस्कृति को भी मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

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